ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
भारतीय नौसेना के अधिकारी प्रशिक्षण और प्रोफेशनल मिलिट्री एजुकेशन के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय नौसेना अकादमी (Indian Naval Academy-INA), एझिमाला को नया नेतृत्व मिल गया है। रियर एडमिरल एस.एम. उरूज अथर (Rear Admiral S.M. Urooj Athar) ने भारतीय नौसेना अकादमी के प्रिंसिपल के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय नौसेना आधुनिक समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप अपने प्रशिक्षण तंत्र, तकनीकी दक्षता और सैन्य शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
रियर एडमिरल एस.एम. उरूज अथर को फरवरी 1992 में भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। तीन दशक से अधिक लंबे और उत्कृष्ट सैन्य करियर के दौरान उन्होंने परिचालन (Operational), वैज्ञानिक तथा शैक्षणिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके पास नौसेना संचालन के साथ-साथ सैन्य शिक्षा, प्रशिक्षण प्रबंधन और अकादमिक नेतृत्व का व्यापक अनुभव है, जो उन्हें इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त बनाता है।
रियर एडमिरल अथर ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने मौसम विज्ञान (Meteorology), समुद्र विज्ञान (Oceanography) और सैटेलाइट मौसम विज्ञान (Satellite Meteorology) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों में विशेषज्ञता हासिल की। इस दिशा में उन्होंने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पुणे तथा स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (SAC), अहमदाबाद से उन्नत व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनकी वैज्ञानिक विशेषज्ञता ने भारतीय नौसेना की समुद्री परिचालन योजना, पर्यावरणीय विश्लेषण और रणनीतिक निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने उच्च स्तरीय रक्षा शिक्षा भी प्राप्त की। वे कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट (CDM), सिकंदराबाद तथा डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC), वेलिंगटन के पूर्व छात्र हैं, जहां उन्होंने रक्षा प्रबंधन, सामरिक नेतृत्व और उच्च सैन्य अध्ययन का प्रशिक्षण हासिल किया। इन संस्थानों में प्राप्त अनुभव ने उन्हें रणनीतिक योजना, नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक प्रबंधन में विशेष दक्षता प्रदान की।
भारतीय नौसेना अकादमी के प्रिंसिपल का कार्यभार संभालने से पहले रियर एडमिरल अथर नौसेना मुख्यालय (Naval Headquarters) में डायरेक्टरेट ऑफ नेवल एजुकेशन के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। इस पद पर उन्होंने भारतीय नौसेना की शिक्षा नीति, पाठ्यक्रम विकास, प्रशिक्षण प्रणाली और प्रोफेशनल मिलिट्री एजुकेशन को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में नौसेना के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नई दिशा मिली और तकनीकी शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयास किए गए।
इससे पहले वे कमोडोर (नेवल एजुकेशन) तथा नेवल एजुकेशन सोसाइटी (NES) के वाइस चेयरपर्सन भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने देशभर में संचालित भारतीय नौसेना के शैक्षणिक संस्थानों के प्रशासन, संचालन और विकास की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाई। उनके नेतृत्व में नौसेना के शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता, अनुशासन और आधुनिक तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिला।
भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला देश में नौसेना अधिकारियों के प्रशिक्षण का सबसे बड़ा और प्रमुख संस्थान है। यहां भारतीय नौसेना के विभिन्न शाखाओं के कैडेटों को सैन्य प्रशिक्षण, अकादमिक शिक्षा, नेतृत्व विकास, शारीरिक दक्षता और आधुनिक समुद्री युद्धक तकनीकों का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाता है। अकादमी का उद्देश्य ऐसे अधिकारियों का निर्माण करना है जो भविष्य की समुद्री चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें और देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
प्रिंसिपल के रूप में रियर एडमिरल एस.एम. उरूज अथर अकादमी में अधिकारी कैडेटों की शैक्षणिक और व्यावसायिक शिक्षा की संपूर्ण व्यवस्था का नेतृत्व करेंगे। उनके मार्गदर्शन में अकादमी में आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामरिक सोच और नेतृत्व क्षमता को और अधिक मजबूत किए जाने की उम्मीद है। उनकी विशेषज्ञता भारतीय नौसेना के भावी अधिकारियों को नई तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, समुद्री सुरक्षा और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध प्रणाली जैसी आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में सहायक होगी।
भारतीय नौसेना द्वारा रियर एडमिरल एस.एम. उरूज अथर की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि नौसेना भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रोफेशनल मिलिट्री एजुकेशन, अकादमिक उत्कृष्टता, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उनकी परिचालन विशेषज्ञता, वैज्ञानिक ज्ञान और शैक्षणिक नेतृत्व का अनुभव भारतीय नौसेना अकादमी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।