धनतेरस पर क्यों खरीदी जाती हैं सोना-चांदी से लेकर झाड़ू तक? जानिए हर चीज का धार्मिक महत्व

Story by  अर्सला खान | Published by  [email protected] | Date 05-11-2026
Why are gold, silver, and even brooms purchased on Dhanteras?
Why are gold, silver, and even brooms purchased on Dhanteras?

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
भारत में दिवाली का त्योहार धनतेरस से शुरू होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। इसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। मान्यता है कि धनतेरस पर नई चीजें खरीदने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। यही वजह है कि इस दिन बाजारों में सोना-चांदी, बर्तन, वाहन और घरेलू सामान खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि धनतेरस पर खास तौर पर कुछ चीजें ही क्यों खरीदी जाती हैं? आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में, जिन्हें खरीदना इस दिन शुभ माना जाता है और इसके पीछे क्या धार्मिक मान्यताएं हैं।
 
1. सोना और चांदी खरीदना
 
धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदने की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सोना माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जबकि चांदी को चंद्रमा और शीतलता से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि इस दिन सोना-चांदी खरीदने से घर में धन-संपत्ति और समृद्धि आती है। यही कारण है कि लोग सोने के सिक्के, चांदी के बर्तन और गहने खरीदना पसंद करते हैं।
 
2. बर्तन खरीदना

धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है। पहले के समय में लोग इस दिन पीतल, तांबे और कांसे के बर्तन खरीदते थे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी वजह से इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा जुड़ी हुई है। लोग नए बर्तन घर लाकर उनमें चावल, मिठाई या पानी भरते हैं।
 
3. झाड़ू खरीदना

धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा भी काफी प्रचलित है। मान्यता है कि झाड़ू घर से गंदगी और नकारात्मकता को बाहर निकालने का प्रतीक है। इसे माता लक्ष्मी से भी जोड़कर देखा जाता है। कहा जाता है कि नई झाड़ू खरीदने से घर में साफ-सफाई और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
 
4. वाहन खरीदना

कई लोग धनतेरस के दिन कार, बाइक या अन्य वाहन खरीदना पसंद करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन नई वस्तु खरीदना शुभ होता है और इससे घर में बरकत आती है। हालांकि, वाहन खरीदते समय पूजा और सुरक्षा से जुड़ी सावधानियों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
 
5. इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू उपकरण

बदलते समय के साथ धनतेरस पर खरीदारी के तरीकों में भी बदलाव आया है। अब लोग सोने-चांदी और बर्तनों के अलावा टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खरीदते हैं। इसे नई शुरुआत और घर में सुख-सुविधाएं बढ़ाने का प्रतीक माना जाता है।
 
6. धनिया के बीज खरीदना

धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने की भी परंपरा है। कुछ क्षेत्रों में धनिया के बीजों को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पूजा में इन्हें माता लक्ष्मी को अर्पित किया जाता है। बाद में कुछ लोग इन्हें घर के बगीचे या गमले में बोते हैं। मान्यता है कि जिस तरह बीज बढ़कर पौधा बनता है, उसी तरह घर में धन और खुशहाली बढ़ती रहे।
 
7. गोमती चक्र और कौड़ियां खरीदना

धनतेरस पर गोमती चक्र और कौड़ियां खरीदने की परंपरा भी कई परिवारों में देखने को मिलती है। इन्हें माता लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। लोग इन्हें पूजा में शामिल करते हैं और तिजोरी या पूजा घर में रखते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में बरकत बनी रहती है।
 
8. सोने-चांदी के सिक्के और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां

धनतेरस पर कई लोग माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की चांदी या मिट्टी की मूर्तियां भी खरीदते हैं। दिवाली के दिन इनकी पूजा की जाती है। मान्यता है कि माता लक्ष्मी धन और वैभव प्रदान करती हैं, जबकि भगवान गणेश सुख, बुद्धि और शुभ शुरुआत के प्रतीक हैं।
 
धनतेरस पर खरीदारी के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान

धनतेरस पर खरीदारी का महत्व केवल महंगी चीजें खरीदने तक सीमित नहीं है। इस त्योहार का असली संदेश स्वास्थ्य, स्वच्छता, खुशहाली और समृद्धि से जुड़ा है। इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार ही खरीदारी करनी चाहिए। जरूरी नहीं कि सोना या चांदी ही खरीदा जाए। एक छोटा बर्तन, झाड़ू या जरूरत की कोई उपयोगी वस्तु खरीदकर भी इस परंपरा को निभाया जा सकता है।