नई दिल्ली
सेहतमंद रहने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। शरीर को स्वस्थ रखने में विटामिन C की भी अहम भूमिका होती है। संतरा इस विटामिन का लोकप्रिय स्रोत है, लेकिन कई ऐसे फल और सब्जियां भी हैं, जिनमें संतरे से अधिक विटामिन C पाया जा सकता है।
विटामिन C शरीर में कोलेजन के निर्माण, घाव भरने और सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए रखने में मदद करता है। यह पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में मौजूद आयरन के अवशोषण को भी बेहतर बनाता है। चूंकि शरीर विटामिन C को खुद नहीं बना सकता और न ही इसकी बड़ी मात्रा लंबे समय तक जमा रख सकता है, इसलिए रोजाना के भोजन में इसके अच्छे स्रोत शामिल करना जरूरी है।
आइए जानते हैं ऐसे पांच खाद्य पदार्थों के बारे में, जो विटामिन C के मामले में संतरे को भी पीछे छोड़ सकते हैं।
अमरूद विटामिन C के बेहतरीन प्राकृतिक स्रोतों में शामिल है। प्रति 100 ग्राम अमरूद में संतरे की तुलना में काफी अधिक विटामिन C हो सकता है। हालांकि, इसकी मात्रा अमरूद की किस्म और पकने की अवस्था पर निर्भर करती है।
अमरूद में फाइबर भी पाया जाता है, जो पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने में योगदान देते हैं।
कैसे खाएं: सुबह नाश्ते में अमरूद खा सकते हैं या इसे फलों की कटोरी में शामिल कर सकते हैं। स्वाद के लिए थोड़ा भुना जीरा छिड़क सकते हैं। नमक का इस्तेमाल सीमित रखें।
आंवला विटामिन C का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसमें कई अन्य लाभकारी पादप यौगिक भी पाए जाते हैं, जो इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों में योगदान देते हैं।
आंवला संतुलित आहार का अच्छा हिस्सा हो सकता है। विटामिन C सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में मदद करता है, हालांकि आंवला खाने से मौसमी संक्रमणों से पूरी तरह बचाव की गारंटी नहीं मिलती।
कैसे खाएं: ताजा आंवला खाएं या इसे चटनी और सलाद में शामिल करें। अगर खट्टे खाद्य पदार्थों से एसिडिटी होती है, तो इसकी मात्रा अपने अनुकूल रखें।
लाल और पीली शिमला मिर्च भी विटामिन C के अच्छे स्रोत हैं। इनमें संतरे से अधिक विटामिन C हो सकता है। इसके अलावा, इनमें कैरोटीनॉयड जैसे पादप वर्णक पाए जाते हैं, जो इनके पोषण मूल्य को बढ़ाते हैं।
शिमला मिर्च को रोजमर्रा के भोजन में शामिल करना भी आसान है। इसे सलाद, सैंडविच और सब्जियों के साथ खाया जा सकता है।
कैसे खाएं: कटी हुई शिमला मिर्च को सलाद, पनीर टिक्का या सैंडविच में शामिल करें। विटामिन C को बेहतर बनाए रखने के लिए इसे कच्चा या कम समय तक पकाकर खाना उपयोगी है। लंबे समय तक पकाने से विटामिन C की मात्रा घट सकती है।
हरी मिर्च भी विटामिन C का अच्छा स्रोत हो सकती है। इसकी थोड़ी मात्रा भी दैनिक जरूरत पूरी करने में योगदान दे सकती है। हालांकि, इसमें विटामिन C की मात्रा किस्म, ताजगी और आकार के अनुसार बदलती है।
हरी मिर्च में कैप्साइसिन भी पाया जाता है, जो इसे तीखापन देता है। लेकिन विटामिन C पाने के लिए ज्यादा मिर्च खाना जरूरी नहीं है।
कैसे खाएं: दाल, सब्जी या चटनी में थोड़ी मात्रा में हरी मिर्च डाल सकते हैं। जिन लोगों को एसिडिटी, सीने में जलन या संवेदनशील पेट की शिकायत रहती है, वे तीखी मिर्च से परहेज करें या इसका सेवन सीमित रखें।
पपीता स्वादिष्ट होने के साथ-साथ विटामिन C, फाइबर और कैरोटीनॉयड का भी स्रोत है। इसकी किस्म और पकने की अवस्था के अनुसार, कुछ पपीते में प्रति 100 ग्राम संतरे से अधिक विटामिन C हो सकता है।
इसका नरम गूदा इसे सुबह के नाश्ते या हल्के स्नैक के लिए अच्छा विकल्प बनाता है।
कैसे खाएं: पके पपीते को ताजा काटकर खाएं या दूसरे फलों के साथ फ्रूट सलाद बनाएं। जूस के बजाय पूरा फल खाना बेहतर है, क्योंकि इससे फाइबर भी मिलता है।
विटामिन C की दैनिक आवश्यकता उम्र, लिंग और जीवन की अवस्था के अनुसार अलग-अलग होती है। वयस्कों के लिए कई पोषण दिशानिर्देशों में लगभग 65 से 90 मिलीग्राम प्रतिदिन की मात्रा बताई जाती है। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान जरूरत अलग हो सकती है।
विटामिन C गर्मी, हवा और लंबे समय तक भंडारण के कारण कम हो सकता है। इसलिए ताजे फल और सब्जियां खाना, उन्हें बहुत देर तक न पकाना और आहार में विविधता बनाए रखना फायदेमंद है।
निष्कर्ष: विटामिन C के लिए केवल संतरे पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। अमरूद, आंवला, शिमला मिर्च, हरी मिर्च और पपीता भी अच्छे विकल्प हैं। अपनी पसंद और पाचन के अनुकूल इन खाद्य पदार्थों को संतुलित मात्रा में भोजन में शामिल करें।