क्या रोजाना अंडे खाना सेहत के लिए सुरक्षित है? जानिए फायदे और सावधानियां

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 21-10-2026
Is eating eggs daily safe for your health? Learn about the benefits and precautions.
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नई दिल्ली।

अंडे अधिकतर घरों में नाश्ते का अहम हिस्सा होते हैं। इन्हें तैयार करना आसान है और ये प्रोटीन सहित कई जरूरी पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं। यही वजह है कि फिटनेस का ध्यान रखने वाले लोगों से लेकर सामान्य परिवारों तक में अंडे खूब पसंद किए जाते हैं। हालांकि, कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग को लेकर चिंताओं के कारण कई लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि क्या रोजाना अंडे खाना सुरक्षित है।

कुछ लोग अंडे की जर्दी खाने से बचते हैं, जबकि कुछ लोग अधिक प्रोटीन पाने के लिए प्रतिदिन कई अंडे खाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना एक अंडा खाना संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, इसकी उपयुक्त मात्रा व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति, खान-पान और शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करती है।

रोजाना अंडे खाने के क्या हैं फायदे?

अंडे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। शरीर की मांसपेशियों के निर्माण, उनकी मरम्मत और सामान्य कार्यप्रणाली के लिए प्रोटीन जरूरी होता है। इसके अलावा, अंडों में विटामिन बी12, सेलेनियम और कोलीन जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं।

अंडे की जर्दी में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन नामक तत्व भी मौजूद होते हैं, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं। इस तरह अंडे केवल प्रोटीन ही नहीं, बल्कि कई अन्य पोषक तत्व भी उपलब्ध कराते हैं।

हालांकि, अंडे को संपूर्ण पोषण का एकमात्र स्रोत नहीं मानना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य के लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भी आहार में शामिल करना जरूरी है।

एक दिन में कितने अंडे खाना उचित है?

हर व्यक्ति के लिए अंडों की एक समान मात्रा निर्धारित करना उचित नहीं है। सामान्य तौर पर स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन एक अंडा संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है। शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय लोगों या अधिक प्रोटीन की जरूरत वाले व्यक्तियों के लिए मात्रा उनकी कुल आहार संबंधी जरूरतों के अनुसार तय की जा सकती है।

अंडों के सेवन और स्वास्थ्य पर हुए शोध के नतीजे पूरी तरह एक जैसे नहीं हैं। वर्ष 2022 में प्रकाशित एक व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण में लगभग 1.1 करोड़ प्रतिभागियों से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें कुछ समूहों में अंडों के अधिक सेवन और मृत्यु के जोखिम के बीच मामूली संबंध देखा गया। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि अंडे खाने से ही जोखिम बढ़ता है।

इसलिए अंडों की मात्रा तय करते समय केवल उनकी संख्या नहीं, बल्कि पूरे आहार और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।

क्या अंडे खाने से बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल?

अंडे की जर्दी में आहार संबंधी कोलेस्ट्रॉल होता है, लेकिन भोजन से मिलने वाला कोलेस्ट्रॉल और खून में मौजूद कोलेस्ट्रॉल एक ही चीज नहीं हैं। अंडे खाने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल कितना प्रभावित होगा, यह व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

इस पर संतृप्त वसा का सेवन, आनुवंशिक कारण, पहले से मौजूद कोलेस्ट्रॉल का स्तर और खान-पान की दूसरी आदतें भी असर डालती हैं।

जिन लोगों का एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल अधिक है, जिन्हें पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया की समस्या है या जो पहले से हृदय रोग से पीड़ित हैं, उन्हें अंडों की उचित मात्रा के बारे में डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

साबुत अंडा बेहतर या केवल सफेदी?

अंडे की सफेदी में प्रोटीन होता है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल नहीं होता। दूसरी ओर, जर्दी में कोलीन, विटामिन बी12 और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसलिए साबुत अंडे से सफेदी और जर्दी दोनों के पोषक तत्व मिलते हैं।

यदि कोई व्यक्ति प्रोटीन बढ़ाना चाहता है, लेकिन आहार में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सीमित रखना चाहता है, तो वह एक साबुत अंडे के साथ अतिरिक्त सफेदी ले सकता है। हालांकि, यह फैसला उसकी स्वास्थ्य स्थिति और आहार की जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए।

अंडा पकाने का तरीका भी महत्वपूर्ण

अंडे को उबालकर या पोच करके खाना एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि इसमें अतिरिक्त तेल या मक्खन की जरूरत नहीं पड़ती। कम तेल में बनाया गया ऑमलेट या स्क्रैम्बल्ड एग भी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है।

इसके विपरीत, अंडे के साथ बहुत अधिक मक्खन, पनीर, अतिरिक्त तेल या प्रसंस्कृत मांस का सेवन भोजन में संतृप्त वसा और कैलोरी की मात्रा बढ़ा सकता है।

अंडे के साथ सब्जियां, साबुत अनाज की ब्रेड या फाइबर से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थ लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।

किन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?

जिन लोगों को अंडे से एलर्जी है, उन्हें इनका सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं, उच्च कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग या मधुमेह से पीड़ित लोगों को अपने संपूर्ण आहार पर ध्यान देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

अंडे पूरी तरह पकाकर खाना भी जरूरी है, ताकि खाद्य संक्रमण का खतरा कम हो सके।

निष्कर्ष: ज्यादातर स्वस्थ लोगों के लिए रोजाना एक अंडा खाना संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। लेकिन अंडे खाने की मात्रा से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति का संपूर्ण आहार कैसा है, वह कितनी शारीरिक गतिविधि करता है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति क्या है। संतुलित खान-पान और नियमित व्यायाम के साथ अंडे पौष्टिक आहार का उपयोगी हिस्सा बन सकते हैं।