जयपुर में पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया मकर संक्रांति का पर्व

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 14-01-2026
Makar Sankranti festival was celebrated with traditional fervor in Jaipur.
Makar Sankranti festival was celebrated with traditional fervor in Jaipur.

 

जयपुर

राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व बड़ी धूमधाम और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लोग नदियों और तालाबों में पवित्र स्नान, मंदिरों में पूजा-अर्चना, पशुओं को चारा देना और प्रसाद व मिठाइयां बांटने जैसे परंपरागत कार्यों में व्यस्त रहे। यह त्योहार सूर्य के उत्तरायण होने और दिन लंबे होने के प्रारंभ का प्रतीक माना जाता है।

मकर संक्रांति के दौरान पतंगबाजी प्रमुख गतिविधियों में से एक है। हालांकि जयपुर में मौसम साफ था, लेकिन सुबह के समय हवा के अनुकूल न होने के कारण कई पतंग प्रेमी थोड़े निराश नजर आए।

सुबह-सुबह ही लोग अजमेर के पुष्कर सरोवर और जयपुर के गलता तीर्थ में पवित्र स्नान करने पहुंचे। इस वर्ष त्योहार का महत्व बढ़ गया है क्योंकि यह एकादशी के साथ पड़ रहा है। भक्त हिमांशु गुप्ता ने कहा, “यह शुभ अवसर है और मैं पूरे परिवार के साथ इस दिन मंदिरों में दर्शन करने आता हूं।”

राज्य के प्रमुख मंदिरों जैसे गोविंद देवजी मंदिर, तड़कश्वरजी मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों को फूलों और पतंगों से सजाया गया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा जल महल के पास पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी भी शामिल हुए। महोत्सव में पतंगबाजी का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और प्रतियोगिताओं में भाग लिया।

पारंपरिक गतिविधियों के साथ-साथ पक्षियों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मंझा से घायल हुए पक्षियों का उपचार करने के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में पक्षी बचाव और उपचार शिविर लगाए।

इस प्रकार, जयपुर में मकर संक्रांति न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव के रूप में मनाया गया, बल्कि यह समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला भी साबित हुआ। लोग पर्व का आनंद लेते हुए पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन कर, प्राकृतिक और धार्मिक मूल्यों के प्रति आभार प्रकट करते नजर आए।

उत्सव में सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हुए, जिससे शहर में उत्सव की जीवंतता और खुशियों का माहौल बना रहा। इस प्रकार मकर संक्रांति ने जयपुर में हर दिल में आनंद और श्रद्धा का संचार किया।