नई दिल्ली।
भारतीय रसोई में घी और मक्खन दोनों का इस्तेमाल लंबे समय से होता आ रहा है। हालांकि, बढ़ते हृदय रोगों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के इस दौर में अक्सर यह सवाल उठता है कि दिल की सेहत के लिए घी बेहतर है या मक्खन। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों खाद्य पदार्थों का सीमित मात्रा में सेवन किया जा सकता है, लेकिन इनके सेवन में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घी और मक्खन दोनों में संतृप्त वसा यानी सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है। अधिक मात्रा में इनका सेवन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि घी और मक्खन दोनों दूध से तैयार किए जाते हैं, लेकिन इनके पोषण गुणों में कुछ अंतर होता है। घी में मक्खन की तुलना में वसा की मात्रा थोड़ी अधिक होती है और इसका स्मोक पॉइंट भी ज्यादा होता है। यही वजह है कि उच्च तापमान पर खाना पकाने के लिए घी को अधिक उपयुक्त माना जाता है।
घी में विटामिन ए, डी, ई और के जैसे वसा में घुलनशील विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी माने जाते हैं। वहीं, मक्खन में दूध के प्रोटीन और कुछ अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो इसे स्वाद के लिहाज से कई लोगों की पसंद बनाते हैं।
साल 2025 में 'प्रोग्रेस इन न्यूट्रिशन' जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, घी का अधिक सेवन हृदय रोगों के जोखिम को मामूली रूप से बढ़ा सकता है। हालांकि, शोधकर्ताओं का कहना है कि घी के हृदय स्वास्थ्य पर प्रभाव को लेकर अभी और विस्तृत अध्ययन की आवश्यकता है।
वहीं, वर्ष 2025 में 'जामा इंटरनल मेडिसिन' में प्रकाशित 33 वर्षों तक चले एक व्यापक अध्ययन में पाया गया कि मक्खन की जगह वनस्पति तेलों का उपयोग करने से समय से पहले मृत्यु के समग्र जोखिम में कमी आ सकती है।
हालांकि इस अध्ययन में मक्खन के सेवन और हृदय रोग से होने वाली मृत्यु के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं पाया गया, लेकिन विशेषज्ञ अब भी मक्खन का सीमित मात्रा में सेवन करने की सलाह देते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल घी या मक्खन में से किसी एक को चुनना ही पर्याप्त नहीं है। दिल की सेहत इस बात पर अधिक निर्भर करती है कि आपका संपूर्ण आहार कैसा है और आपकी जीवनशैली कितनी स्वस्थ है।
विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, स्वस्थ वजन बनाए रखना, धूम्रपान से दूर रहना और रक्तचाप तथा कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना हृदय स्वास्थ्य के लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
जिन लोगों को उच्च कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग, मधुमेह या हृदय संबंधी अन्य जोखिम हैं, उन्हें संतृप्त वसा का सेवन सीमित करना चाहिए। ऐसे लोगों को रोजमर्रा के भोजन में जैतून, सरसों, मूंगफली या बादाम जैसे हृदय के लिए लाभकारी तेलों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि घी और मक्खन दोनों का सीमित मात्रा में सेवन संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। लेकिन अत्यधिक सेवन से बचना जरूरी है। यदि आपको हृदय संबंधी कोई समस्या है, तो अपने आहार में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
कुल मिलाकर, दिल को स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी तरीका संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना है, न कि केवल घी और मक्खन में से किसी एक का चयन करना।