मन की बात में पीएम मोदी से बोले गुरिंदरवीर और अनिमेष कुजूर,लोगों ने कहा था भारतीयों के बस की नहीं स्प्रिंट

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 01-06-2026
Speaking to PM Modi on 'Mann Ki Baat', Gurinderveer and Animesh Kujur recalled how people used to say that sprinting was beyond the capabilities of Indians.
Speaking to PM Modi on 'Mann Ki Baat', Gurinderveer and Animesh Kujur recalled how people used to say that sprinting was beyond the capabilities of Indians.

 

मलिक असगर हाशमी/नई दिल्ली

भारत में अक्सर खेल जगत की कई बड़ी उपलब्धियां राजनीति और साम्प्रदायिक मुद्दों के शोर में दब जाती हैं। लेकिन इस बार देश के दो युवा धावकों ने वह कर दिखाया है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। एथलेटिक्स में देश के दो स्टार धावकों गुरिंदर वीर सिंह और अनिमेष कुजूर सहित अन्य खिलाड़ियों ने चार नए नेशनल रिकॉर्ड बनाए हैं। इन खिलाड़ियों ने अपनी कड़ी मेहनत से उन रूढ़ियों को तोड़ा है जो सालों से भारतीय एथलेटिक्स से जुड़ी हुई थीं।

गुरिंदर वीर सिंह और अनिमेष कुजूर के हौसले की कहानी इतनी दमदार है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके। पीएम मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में इन दोनों धावकों से खास बातचीत की। प्रधानमंत्री ने यह बातचीत देशवासियों को सुनाई ताकि हर कोई इनसे प्रेरणा ले सके कि कैसे असंभव को संभव बनाया जाता है।

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रांची में टूटा रिकॉर्ड का चक्रव्यूह

अभी कुछ ही दिनों पहले झारखंड की राजधानी रांची में नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन कॉम्पिटिशन का आयोजन हुआ था। इस बड़े खेल आयोजन में देश भर से लगभग 800 एथलीट्स ने अपनी किस्मत आजमाई थी। इस प्रतियोगिता के दौरान चार अलग-अलग इवेंट्स में चार नए नेशनल रिकॉर्ड टूटे।

रिकॉर्ड तोड़ने वाले इन जांबाज खिलाड़ियों में गुरिंदर वीर सिंह, विशाल टी.के., तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार शामिल हैं। इन सभी दोस्तों ने अलग-अलग कैटेगरी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सभी खिलाड़ियों को इस बड़ी सफलता के लिए बधाई दी है।
दो दिन में तीन बार टूटा 100 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड

इस पूरी प्रतियोगिता में जिस एक इवेंट की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वह है पुरुषों की 100 मीटर दौड़। खेल के मैदान पर सिर्फ दो दिनों के भीतर पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का नेशनल रिकॉर्ड तीन बार टूटा। यह अद्भुत कारनामा गुरिंदर वीर सिंह और अनिमेष कुजूर की जोड़ी ने किया। इसी ऐतिहासिक जुगलबंदी को देखते हुए पीएम मोदी ने 'मन की बात' में इन दोनों एथलीट्स से फोन पर सीधी बातचीत की।

प्रधानमंत्री ने बातचीत की शुरुआत करते हुए कहा कि आप दोनों ने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आपकी जोड़ी ने मैदान पर कमाल कर दिखाया है। हम सबने अक्सर संगीत के क्षेत्र में जुगलबंदी देखी है। लेकिन अब खेल की चुनौतियों में भी ऐसी अनोखी जुगलबंदी देखने को मिल रही है। यहाँ एक खिलाड़ी चुनौती देता है और दूसरा उसे तुरंत स्वीकार करता है। फिर वे तीसरी बार भी ऐसा ही करते हैं।

फुटबॉल से एथलेटिक्स के सफर की कहानी

प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान छत्तीसगढ़ के रहने वाले अनिमेष कुजूर ने अपने सफर के बारे में बताया। अनिमेष वर्तमान में ओडिशा राज्य की तरफ से खेलते हैं। उन्होंने बताया कि वह 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ के नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं। पिछले साल उन्होंने एशियन मेडल और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में भी मेडल जीता था। अनिमेष सैनिक स्कूल अंबिकापुर के छात्र रहे हैं। उन्होंने साल 2021 में स्कूल पास करने के बाद ही एथलेटिक्स की शुरुआत की थी।

शुरुआती दिनों में अनिमेष को फुटबॉल खेलने का बहुत शौक था। कोविड महामारी के दौरान उनके माता-पिता उन्हें बाहर जाकर थोड़ी देर दौड़ने या खेलने की आजादी देते थे। जब कोरोना का असर कम हुआ तो उनके फुटबॉल खेलने वाले दोस्तों ने उन्हें स्टेट मीट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की सलाह दी।

अनिमेष ने उस प्रतियोगिता में भाग लिया। उस समय उन्हें यह अंदाजा भी नहीं था कि वहां से नेशनल लेवल के लिए भी खिलाड़ियों का चयन होता है। उस स्टेट मीट से अनिमेष का चयन सीधे नेशनल टीम में हो गया। आज वह इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

मां से किया वादा पूरा करने वाले गुरिंदर वीर

इसके बाद प्रधानमंत्री ने भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर गुरिंदर वीर सिंह से बात की। गुरिंदर वीर इस समय भारत के सबसे तेज स्प्रिंटर हैं। उन्होंने हाल ही में 100 मीटर की दौड़ में 10.09 सेकंड का नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया है। वह 10.1 सेकंड की बाधा से कम समय में दौड़ पूरी करने वाले पहले भारतीय धावक बन गए हैं।

गुरिंदर ने बताया कि वह खेल के मैदान पर और नौसेना की यूनिफॉर्म में देश की सेवा कर रहे हैं। उनके पिता और दादा दोनों ही खिलाड़ी थे। उनके घर में एक पुरानी परंपरा है कि दिवाली या नए साल पर घर की सफाई के साथ पिता की पुरानी ट्रॉफियों और मेडल्स को भी साफ किया जाता था। गुरिंदर को बचपन में उन मेडल्स को साफ करना बहुत पसंद था।

वह अक्सर अपने पिता से उन मेडल्स और पुरानी तस्वीरों के पीछे की कहानियां पूछते थे। पिता की कहानियां सुनकर उनके मन में भी देश के लिए खेलने का सपना जागा। गुरिंदर ने बचपन की एक मजेदार कहानी सुनाते हुए कहा कि एक बार वह टीवी पर महान धावक उसेन बोल्ट का वर्ल्ड रिकॉर्ड टूटते हुए देख रहे थे।

तभी उनकी मां ने पढ़ाई करने की बात कहकर टीवी बंद कर दिया। तब गुरिंदर ने अपनी मां से कहा था कि आज आप मुझे टीवी नहीं देखने दे रही हैं लेकिन एक दिन आप मुझे ही टीवी पर दौड़ते हुए देखेंगी। आज जब उनकी मां उन्हें टीवी पर देश के लिए दौड़ते हुए देखती हैं तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहता।

मिल्खा सिंह की प्रेरणा और रूढ़ियों पर प्रहार

गुरिंदर वीर सिंह एक मध्यम-वर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता वॉलीबॉल खिलाड़ी थे लेकिन पारिवारिक समस्याओं के कारण उन्हें खेल छोड़ना पड़ा था। पिता ने अपना अधूरा सपना अपने बेटे की आंखों में देखा। गुरिंदर बचपन से ही महान धावक मिल्खा सिंह की कड़ी मेहनत के किस्से सुनते आ रहे थे। उनके पिता हमेशा कहते थे कि सपने देखने से पूरे नहीं होते बल्कि उनके लिए खून-पसीना बहाना पड़ता है।

जब गुरिंदर ने 100 मीटर की दौड़ को अपना करियर चुना तो समाज के लोगों ने उनका मनोबल तोड़ने की कोशिश की। लोग कहते थे कि 100 मीटर की रेस भारतीयों के बस की बात नहीं है। लोगों का मानना था कि भारतीयों का शरीर इस तेज दौड़ के लिए नहीं बना है। लेकिन गुरिंदर और उनके पिता ने ठान लिया था कि वे इस चुनौती से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने आलोचकों को अपने प्रदर्शन से करारा जवाब दिया।

मैदान के प्रतिद्वंद्वी और असल जिंदगी के दोस्त

प्रधानमंत्री ने दोनों धावकों से उनकी दोस्ती और मैदान की प्रतिस्पर्धा पर भी सवाल किया। अनिमेष ने बताया कि पहले पुरुषों की 100 मीटर रेस का नेशनल रिकॉर्ड 10.18 सेकंड का था जो खुद उनके नाम था। इसके बाद गुरिंदर वीर ने सेमीफाइनल में 10.17 सेकंड का समय निकालकर उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया। चुनौती यहीं खत्म नहीं हुई। अनिमेष ने दूसरे सेमीफाइनल में 10.15 सेकंड का समय निकालकर गुरिंदर का रिकॉर्ड फिर से अपने नाम कर लिया।

दोनों खिलाड़ियों ने बताया कि मैदान पर उनके बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है लेकिन वे असल जिंदगी में बहुत अच्छे दोस्त हैं। इससे पहले जब वे सऊदी अरब में एक प्रतियोगिता के लिए गए थे तब भी वे दोनों एक ही कमरे में ठहरे थे। वहां उन्होंने आपस में बात की थी कि उन्हें मिलकर भारतीय स्प्रिंटिंग को एक नए मुकाम पर ले जाना है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी।

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कॉमनवेल्थ गेम्स पर है अगली नजर

गुरिंदर वीर ने बताया कि जब वे मैदान पर वार्म-अप कर रहे होते हैं तब भी एक-दूसरे की मदद करते हैं। वह अनिमेष को स्टार्टिंग ब्लॉक और दौड़ने की चाल ठीक करने की सलाह देते हैं। इन दोनों होनहार धावकों का चयन अब आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी हो चुका है। दोनों एथलीट्स का लक्ष्य अब इंटरनेशनल लेवल पर देश के लिए मेडल जीतना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गुरिंदर वीर सिंह और अनिमेष कुजूर के साथ बातचीत बहुत खास रही। इस बातचीत से यह साफ झलक मिलती है कि भारतीय एथलेटिक्स का भविष्य कितना उज्ज्वल और सुरक्षित हाथों में है। इन युवाओं ने साबित कर दिया है कि अगर मन में दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत का जज्बा हो तो दुनिया का कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है।