'Zero tolerance against fake, illegal medicines': Gujarat Health Minister Praful Pansheriya
गांधीनगर (गुजरात)
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने अधिकारियों को नकली और अवैध दवाओं के मामले में "ज़ीरो टॉलरेंस" (सख्त) रवैया अपनाने और लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। पानशेरिया ने बुधवार को गुजरात सचिवालय में एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग के दौरान ये निर्देश दिए। इस मीटिंग में अगस्त महीने में पूरे राज्य में फूड एंड ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम द्वारा की गई कार्रवाई का जायजा लिया गया।
मंत्री ने कहा, "जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर फूड एंड ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (FDCA) ने 50 दवा की दुकानों के बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिए। दो दवा बनाने वाली यूनिट्स को बंद करने के आदेश जारी किए गए, जबकि आठ यूनिट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए और 11 दवा बनाने के लाइसेंस रद्द कर दिए गए।" लैबोरेटरी टेस्टिंग के दौरान तय क्वालिटी स्टैंडर्ड्स पर खरा न उतरने वाली 20 दवाओं के निर्माताओं को 'कारण बताओ नोटिस' (show-cause notices) भी जारी किए गए। जांच किए गए 42 ब्लड स्टोरेज सेंटर्स में से तीन को बंद करने का आदेश दिया गया और 12 को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किए गए।
ग्रामीण इलाकों में एंटीबायोटिक्स की क्वालिटी की जांच के लिए एक स्पेशल कैंपेन चलाया गया, जिसके दौरान दवाओं के 588 सैंपल इकट्ठा किए गए। पानशेरिया ने कहा कि नशीली और नकली दवाओं की अवैध बिक्री और वितरण के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। "वडोदरा के वाघोडिया में SOG के साथ एक जॉइंट ऑपरेशन के दौरान, अधिकारियों ने एक मेडिकल स्टोर से सटी दुकान से ट्रामाडोल (tramadol) समेत नशीले इंजेक्शन का स्टॉक ज़ब्त किया। NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है।"
नकली 'निकार्डिया रिटार्ड 10' (Nicardia Retard 10) टैबलेट मामले में, 30 से ज़्यादा जगहों पर जांच की गई और 1.75 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत का संदिग्ध स्टॉक ज़ब्त या प्रतिबंधित किया गया। जांच में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से अहमदाबाद और साणंद तक की सप्लाई चेन का पता चला है, जिसके बाद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई। फूड सेफ्टी के मामले में, अगस्त में पूरे गुजरात में 2,238 से ज़्यादा फूड बिजनेस की जांच की गई और लैबोरेटरी टेस्टिंग के लिए लगभग 2,591 सैंपल इकट्ठा किए गए। अधिकारियों ने तेल, मिर्च पाउडर और दूध समेत 42,988 किलोग्राम से ज़्यादा संदिग्ध फूड प्रोडक्ट्स ज़ब्त किए, जिनकी कीमत लगभग 93.47 लाख रुपये है। मंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे श्रावण के पवित्र महीने के दौरान दूध, घी, खाने का तेल और मसालों जैसी आम तौर पर इस्तेमाल होने वाली खाद्य वस्तुओं की कड़ी निगरानी रखें।
उन्होंने कहा कि नागरिकों के लिए सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन और दवाएं सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अचानक निरीक्षण जारी रखें तथा मिलावट और अन्य उल्लंघनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।