आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बुधवार को प्रतिनिधि सभा को भोटेकोशी नदी में आई भयावह बाढ़ से हुई तबाही के बारे में जानकारी दी और कहा कि इस संकट से निपटने के लिए ‘‘दृढ़ संकल्प और साहस’’ की जरूरत है।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास चट्टानों के खिसकने या हिमस्खलन के कारण अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जिसमें 1,100 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 4,800 से ज्यादा लोग लापता हैं।
'काठमांडू पोस्ट' की खबर के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा, ‘‘संकट की इस घड़ी में हमने यह सच्चाई स्वीकार कर ली है कि देश के नेतृत्व को हिम्मत, समर्थन और भरोसा देना चाहिए, न कि आंसू।’’ उन्होंने कहा कि इस आपदा ने न केवल तीन जिलों - रसुवा, नुवाकोट और धादिंग - को तबाह किया है, बल्कि यह ‘‘पूरे देश के लिए एक आघात है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे पास दृढ़ संकल्प और साहस के साथ लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है और हम लड़ रहे हैं।’’