पर्यटकों के लिए खुली विश्व धरोहर वैली ऑफ फ्लावर्स, 31 अक्टूबर तक कर सकेंगे भ्रमण

Story by  ओनिका माहेश्वरी | Published by  onikamaheshwari | Date 02-06-2026
World Heritage Site 'Valley of Flowers' Opens for Tourists; Visits Permitted Until October 31
World Heritage Site 'Valley of Flowers' Opens for Tourists; Visits Permitted Until October 31

 

उत्तराखंड

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध वैली ऑफ फ्लावर्स (फूलों की घाटी) को एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह राष्ट्रीय उद्यान अब देश-विदेश से आने वाले प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है। वन विभाग के अनुसार घाटी में इस समय 300 से अधिक प्रजातियों के फूलों के साथ-साथ कई दुर्लभ वनस्पति प्रजातियां मौजूद हैं, जो इसकी जैव विविधता को अत्यंत समृद्ध बनाती हैं। विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे घाटी की नाजुक पारिस्थितिकी, समृद्ध जैव विविधता और दुर्लभ पौधों के संरक्षण में सहयोग करें।

वन क्षेत्राधिकारी चेतना कंडपाल ने बताया कि वैली ऑफ फ्लावर्स इस वर्ष 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहेगी। पार्क प्रशासन ने इसके पुनः उद्घाटन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। घाटी में विभिन्न प्रजातियों के अल्पाइन फूल खिलने शुरू हो गए हैं, जिससे पूरा क्षेत्र रंग-बिरंगे फूलों की चादर से ढका हुआ दिखाई दे रहा है। अनुकूल मौसम की परिस्थितियों के कारण इस बार घाटी में आधिकारिक पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले ही फूलों की बहार देखने को मिल रही है, जिससे इसकी प्राकृतिक सुंदरता और अधिक निखर गई है।

भ्यूंडार घाटी के नाम से भी प्रसिद्ध वैली ऑफ फ्लावर्स इस सीजन में अपने रंग-बिरंगे फूलों के साथ मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रही है। मौसम की अनुकूलता के चलते घाटी में फूलों का खिलना अपेक्षाकृत जल्दी शुरू हो गया है, जिससे शुरुआती दौर में पहुंचने वाले पर्यटकों को हिमालयी वनस्पतियों की अद्भुत और दुर्लभ छटा देखने का अवसर मिलेगा। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह घाटी हर वर्ष हजारों पर्यटकों, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करती है।

हालांकि, वैली ऑफ फ्लावर्स ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां भौगोलिक परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण हैं। इसे देखते हुए प्रशासन और वन विभाग द्वारा पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों को सभी नियमों का पालन करना चाहिए, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित, सुखद और यादगार बन सके।

हिमालय की गोद में बसी यह विश्व धरोहर स्थल अपनी अद्वितीय जैव विविधता, दुर्लभ फूलों की प्रजातियों और मनोहारी प्राकृतिक दृश्यों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। घाटी के दोबारा खुलने के साथ ही पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है और आने वाले महीनों में यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। वन विभाग ने एक बार फिर आगंतुकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं और इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने में सहयोग करें।