Will celebrate 75th year of diplomatic relations in 2027: Ministry of External Affairs
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने शुक्रवार को भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा संपन्न की। इस अवसर पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा ने भारत और जापान की साझा प्रगति तथा समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी को और मजबूत करने की दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-जापान साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे शांति, समृद्धि और स्थिरता को बढ़ावा देने का भी एक महत्वपूर्ण आधार है। मंत्रालय ने नयी दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन को ‘‘बेहद सफल’’ बताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एक यादगार यात्रा का समापन हुआ, जिसने भारत-जापान साझेदारी को साझा लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ाया। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन की अत्यंत सफल बैठक के बाद भारत से रवाना हो गईं। उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विदाई दी।’’
उन्होंने नयी दिल्ली में विदाई समारोह की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर ताकाइची एक से तीन जुलाई तक भारत की यात्रा पर आई थीं। इस दौरान उन्होंने 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
दोनों नेताओं ने बृहस्पतिवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से व्यापक वार्ता की।
प्रधानमंत्री मोदी और ताकाइची के बीच हुई शिखर वार्ता के दौरान भारत और जापान ने कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की। इनमें आर्थिक साझेदारी रूपरेखा, सैन्य उपकरणों के संयुक्त विकास के लिए रक्षा समझौता तथा तेल आपूर्ति संबंधी झटकों से निपटने के लिए ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने के उपाय शामिल हैं। दोनों नेताओं ने वैश्विक अनिश्चितताओं का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए आपसी विश्वास को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया।
जायसवाल ने कहा, ‘‘इस यात्रा ने दोनों देशों की साझा प्रगति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी को आगे बढ़ाने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे शांति, समृद्धि एवं स्थिरता को बढ़ावा देने वाले मजबूत आधार के रूप में इसे विकसित करने की दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।’’