मुंबई की पहली समुद्री जल परियोजना पर काम तेज

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-07-2026
Work on Mumbai's first seawater project gains momentum
Work on Mumbai's first seawater project gains momentum

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि मुंबई की जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए शहर की पहली समुद्री जल विलवणीकरण परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके लिए सभी आवश्यक मंजूरी हासिल कर ली गई है।
 
सरकार ने पुष्टि की कि इस परियोजना के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है।
 
राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने विधानसभा को बताया कि एक विशेषज्ञ कंपनी द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना के कारण पानी के शुल्क में प्रति लीटर लगभग 15 से 17 पैसे की मामूली बढ़ोतरी करनी पड़ेगी।
 
उन्होंने कहा कि मुंबई को वर्तमान में अप्पर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, भाटसा, विहार और तुलसी बांधों से पानी की आपूर्ति होती है। उन्होंने कहा कि हालांकि, बढ़ती मांग को देखते हुए पेयजल के वैकल्पिक स्रोतों को विकसित किया जाना आवश्यक हो गया है।
 
सदन में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने प्रतिदिन 20 करोड़ लीटर (200 एमएलडी) क्षमता की समुद्री जल विलवणीकरण परियोजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए 15 दिसंबर, 2025 को कार्यादेश जारी किया गया था।
 
उन्होंने कहा कि यह कार्य इजराइल में इसी प्रकार की विलवणीकरण परियोजनाओं के क्रियान्वयन का अनुभव रखने वाली कंपनी जेबीपीआर को सौंपा गया है।
 
उन्होंने कहा कि नगर निकाय और मध्य रेलवे से सभी प्रमुख मंजूरी प्राप्त कर ली गई है जबकि शेष वैधानिक मंजूरी हासिल करने की प्रक्रिया जारी है।
 
उपभोक्ताओं के लिए समुद्री जल के विलवणीकरण से तैयार पानी के कारण जल शुल्क बढ़ने संबंधी चिंताओं पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि मुंबई की भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए यह परियोजना आवश्यक है और पानी के शुल्क में बढ़ोतरी सीमित रहेगी।
 
सामंत भाजपा विधायक योगेश सागर के सवाल का जवाब दे रहे थे।