Who in the government will take responsibility for the 'Rs 15 lakh crore scam': Congress
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने सोना रिफाइनिंग एवं आभूषण विनिर्माण क्षेत्र की कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (आरईएल) से जुड़े मामले को लेकर शुक्रवार को सवाल किया कि ‘‘15 लाख करोड़ रुपये के घोटाले’’ की जिम्मेदारी सरकार में कौन लेगा तथा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कुंभकर्ण की नींद से कब जागेगा ?
पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार और पूंजी बाजार नियामक सेबी इस मामले पर महीनों तक कुंडली मारकर बैठे रहे, जबकि यह एलआईसी के करोड़ों निवेशकों तथा छोटे शेयरधारकों के हित से जुड़ा मामला था।
खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तीन जून, 2026 को सेबी का आदेश आया कि राजेश मेहता और उनकी कंपनी को ट्रेडिंग करने से रोक दिया गया है। मगर सवाल यह है कि सेबी को इस मामले में करना क्या चाहिए था?’’
उन्होंने कहा कि भारत में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए जो नियम बने हैं, उन नियमों का हवाला देते हुए सेबी को राजेश एक्सपोर्ट्स से जानकारियां मांगनी चाहिए थीं।
उनका कहना था, ‘‘सेबी को राजेश एक्सपोर्ट्स से उसके कैश फ्लो के बारे में पूछना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस मामले में फोरेंसिक ऑडिट जैसा कदम उठाया जाना चाहिए था, लेकिन सेबी शिकायत पर सात महीने तक कुंडली मारकर बैठी रही।’’
खेड़ा ने सवाल किया, ‘‘राजेश एक्सपोर्ट्स ने पांच साल में 15.15 लाख करोड़ रुपये का राजस्व दिखा दिया, लेकिन उसके रिकॉर्ड बिना सत्यापन के स्वीकार कर लिए गए, आखिर ऐसा किसके कहने पर किया गया?’’
उन्होंने कहा कि ईडी, सीबीआई, सेबी और एसएफआईओ जैसी एजेंसियां क्या कर रही थीं?
कांग्रेस नेता ने यह सवाल भी किया, ‘‘क्या मोदी सरकार को इस बारे में नहीं पता था कि इतना बड़ा घोटाला हो रहा है, अगर पता था तो किसे बचाया जा रहा था? इस घोटाले की, निवेशकों को हुए नुकसान की और एलआईसी के साथ हुए धोखे की जिम्मेदारी कौन लेगा.. नरेन्द्र मोदी लेंगे या निर्मला सीतारमण?’’