West Bengal elections: Over 41% polling recorded in first phase in first four hours
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को तेजी से मतदान हुआ और पूर्वाह्न 11 बजे तक 41 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने वोट डाला। हालांकि, कुछ स्थानों से छिटपुट झड़प की घटनाएं भी सामने आयीं।
पश्चिम बंगाल के 16 जिलों में हो रहे मतदान से 294 सदस्यीय राज्य विधानसभा के 152 निर्वाचन क्षेत्रों में 167 महिलाओं सहित 1,478 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला होगा।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ। पहले दो घंटे में 3.60 करोड़ मतदाताओं में से 18.76 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और धीरे-धीरे मतदान में तेजी आयी। पूर्वाह्न 11 बजे तक 41.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
जिला-वार आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम मेदिनीपुर में सबसे अधिक 44.69 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद झाड़ग्राम में 43.71 प्रतिशत, बांकुड़ा में 43.22 प्रतिशत और पूर्व मेदिनीपुर में 42.16 प्रतिशत मतदान हुआ।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मालदा (38.22 प्रतिशत), कूचबिहार (38.56 प्रतिशत) और अलीपुरद्वार में (38.80 प्रतिशत) अपेक्षाकृत कम मतदान दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पूर्वाह्न 11 बजे तक निर्वाचन आयोग को मतदान से जुड़ी करीब 260 शिकायतें प्राप्त हुईं, जबकि ‘सीविजिल’ ऐप के माध्यम से 375 अन्य शिकायतें दर्ज की गईं।
मतदान प्रक्रिया अधिकांशतः शांतिपूर्ण रही। हालांकि, मुर्शिदाबाद, मालदा, नंदीग्राम और सिलीगुड़ी सहित कुछ स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी के कारण मामूली व्यवधान की खबरें आईं।
झाड़ग्राम से एक असामान्य घटना सामने आई, जहां एक हाथी मतदान केंद्र के पास आ गया, जिससे मतदाताओं में घबराहट फैल गई। बाद में स्थिति पर काबू पा लिया गया।
कुछ स्थानों पर छिटपुट झड़पों की भी खबरें मिलीं।
मुर्शिदाबाद के नौदा में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उनकी पार्टी के कई उम्मीदवारों को खरीद लिया, जिसके कारण उन्हें कम सीटों पर चुनाव लड़ना पड़ रहा है।