आसनसोल (पश्चिम बंगाल),
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत गुरुवार सुबह से मतदान शुरू हो गया है। राज्य के विभिन्न इलाकों की तरह आसनसोल में भी मतदाताओं का उत्साह देखने को मिला, जहां सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी-लंबी कतारें नजर आईं।
सुबह 7 बजे जैसे ही मतदान प्रक्रिया शुरू हुई, लोग बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए घरों से निकल पड़े। गर्मी के बावजूद मतदाताओं का उत्साह कम नहीं दिखा और कई जगहों पर मतदान केंद्र खुलने से पहले ही लोग कतार में खड़े हो गए।
आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर अघोर कुमार रॉय ने बताया कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। उन्होंने कहा कि मतदान दलों को सभी जरूरी सामग्रियों के साथ उनके निर्धारित केंद्रों पर भेजा जा चुका है और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से चल रही है।
रॉय ने जानकारी दी कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके। इसके साथ ही हर बूथ के अंदर और बाहर वेबकास्टिंग कैमरे लगाए गए हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके।
उन्होंने कहा, “यह 281 आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र है। यहां कुल 3,313 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां पूरी सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था के साथ मतदान कराया जा रहा है। सभी केंद्रों पर निर्बाध वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध है।”
वहीं, बीरभूम जिले के एक मतदान केंद्र पर भी शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वहां भी सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं और प्रक्रिया सुचारु रूप से चल रही है।
इस बार पश्चिम बंगाल में मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछली बार के प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरी है।
राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो रहा है, जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग होगी। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
मतदान के बाद अब सभी की नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब वोटों की गिनती होगी और यह तय होगा कि पश्चिम बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी। फिलहाल, पहले चरण में मतदाताओं की भारी भागीदारी लोकतंत्र की मजबूती का संकेत दे रही है।