पश्चिम एशिया तनाव: केरल प्रवासी वोटरों की फ्लाइट यात्रा पर संकट

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 18-03-2026
West Asia Tensions: Crisis Looms Over Flight Travel for Kerala Expatriate Voters
West Asia Tensions: Crisis Looms Over Flight Travel for Kerala Expatriate Voters

 

केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने वाले हैं। इस बीच खाड़ी देशों में रहने वाले केरल प्रवासी वोटरों में चिंता बढ़ गई है। उन्हें डर है कि इस बार वे अपने वोट डालने घर लौट पाएंगे या नहीं।

चिंता का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में ईरान और इज़राइल‑अमेरिका सहयोगियों के बीच जारी तनाव है। इससे हवाई यात्रा पर गंभीर असर पड़ा है। हजारों उड़ानें रद्द या देरी का सामना कर रही हैं। कई देशों ने आंशिक या पूरी तरह हवाई मार्ग बंद कर दिए हैं। दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे प्रमुख हवाई hubs प्रभावित हुए हैं।

पिछले चुनावों में विशेष “वोट फ्लाइट” के जरिए प्रवासी वोटर आसानी से घर लौटते थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में केरल मुस्लिम कल्चरल सेंटर और आईयूएमएल की मदद से सैकड़ों प्रवासी वोटरों ने वोट डाला था। सऊदी अरब और अन्य देशों से लगभग आधा दर्जन विशेष उड़ानें आयोजित की गई थीं।

इस बार स्थिति जटिल नजर आ रही है। आईयूएमएल नेता सय्यद मुनव्वर अली शिहाब थंगल ने कहा कि पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति की वजह से विशेष उड़ानों की संभावना असुरक्षित है। उन्होंने कहा, "कुछ सुधार की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।"

यूएई में रहने वाले केरलियों की मुश्किल सिर्फ उड़ान उपलब्धता तक सीमित नहीं है। टिकट कीमतें भी तेजी से बढ़ गई हैं। KMCC UAE के महासचिव अनवर नाहा ने बताया कि चार्टर्ड फ्लाइट्स की योजना बनाई जा रही है, लेकिन केवल कुछ लोग ही इसका लाभ उठा पाएंगे।

सऊदी अरब में भी हालात समान हैं। Jeddah, Riyadh और Dammam एयरपोर्ट्स पर दबाव बढ़ गया है। उच्च किराया और अनिश्चितता की वजह से सिर्फ सीमित संख्या में वोटर ही यात्रा कर पाएंगे।

इन सभी चुनौतियों के पीछे लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा है – प्रवासी वोटिंग की सुविधा का अभाव। कई प्रवासी वोटर योग्य होने के बावजूद चुनाव में भाग नहीं ले पाते। विश्व के अन्य देशों में नागरिक ऑनलाइन या स्थानीय वोटिंग कर सकते हैं, जबकि भारत में यह व्यवस्था नहीं है।

फिलहाल, खाड़ी के प्रवासी वोटर केवल उम्मीद कर सकते हैं कि आने वाले हफ्तों में उड़ानें सुलभ और किफायती होंगी ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।