आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वेदांता लिमिटेड ने निजी नियोजन के आधार पर गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) जारी कर 2,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि इस राशि का इस्तेमाल वित्तपोषण के स्रोतों में विविधता लाने और मौजूदा कर्ज के पुनर्गठन के साथ बही-खाते को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
वेदांता लिमिटेड ने कहा, ‘‘कंपनी की निदेशकों की समिति ने निजी नियोजन के आधार पर एक-एक लाख रुपये के अंकित मूल्य वाले कुल 2,00,000 बिना गारंटी वाले, विमोच्य, रेटिंग प्राप्त और सूचीबद्ध गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर के आवंटन को मंजूरी दी है, जिनका कुल मूल्य दो हजार करोड़ रुपये है।’’
एनसीडी निश्चित अवधि और निश्चित आय वाले कॉरपोरेट ऋण साधन होते हैं, जिनके जरिये कंपनियां पूंजी जुटाती हैं और परिपक्वता अवधि पूरी होने पर इनमें इक्विटी में बदलने का विकल्प नहीं होता है।
कंपनी ने इससे पहले एक बयान में कहा था कि 30 जून, 2026 तक उसका शुद्ध कर्ज 8,299 करोड़ रुपये था।
वेदांता लिमिटेड धातु, महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख वैश्विक उत्पादक कंपनी है।