अरब देश मोरक्को को मिली पहली महिला प्रधानमंत्री, कौन हैं फातिमा मंसूरी

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 30-09-2026
Arab nation Morocco gets its first female Prime Minister; who is Fatima Mansouri?
Arab nation Morocco gets its first female Prime Minister; who is Fatima Mansouri?

 

आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली

अरब दुनिया में सामाजिक और राजनीतिक बदलाव की एक नई बयार बह रही है। पुरानी मान्यताएं टूट रही हैं और महिलाओं की भूमिका शीर्ष नेतृत्व में मजबूत हो रही है। इसी कड़ी में उत्तरी अफ्रीका के प्रमुख देश मोरक्को ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मोरक्को के सम्राट मोहम्मद छठे ने 50 वर्षीया फातिमा ज़हरा अल मंसूरी को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है।

इस फैसले के साथ ही फातिमा ज़हरा मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री बन गई हैं। संपूर्ण अरब जगत के इतिहास में वह इस पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला हैं। उनसे पहले ट्यूनीशिया की नजला बौडेन ने 2021 से 2023 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था।

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संसदीय चुनाव में जीत और मिली जिम्मेदारी

मोरक्को में 23 सितंबर को 395 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के लिए आम चुनाव हुए थे। चुनाव नतीजों की घोषणा के कुछ ही दिनों भीतर राजभवन ने नई सरकार के गठन का ऐलान किया। फातिमा की राजनीतिक पार्टी 'ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी' (PAM) चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। पार्टी ने 97 सीटों पर कब्जा जमाया।

दूसरे स्थान पर नेशनल रैली ऑफ इंडिपेंडेंट्स (RNI) रही जिसे 66 सीटें मिलीं, जबकि इस्तिकलाल पार्टी को 65 सीटें हासिल हुईं। चूंकि मोरक्को के संवैधानिक नियमों के तहत किसी एक दल को अकेले बहुमत (198 सीटें) हासिल नहीं हुआ, इसलिए सम्राट ने सबसे बड़े दल की नेता होने के नाते फातिमा ज़हरा को गठबंधन सरकार बनाने का न्योता दिया है।

नियुक्ति के बाद अपने पहले संबोधन में फातिमा ने इस पल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार किसी महिला को सरकार का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिली है। यह सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि मोरक्को की हर महिला के लिए गर्व की बात है।

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वकालत से प्रधानमंत्री पद तक का सफर

3 जनवरी 1976 को मराकेश में जन्मी फातिमा ज़हरा अल मंसूरी का संबंध एक प्रभावशाली परिवार से है। उनके पिता अब्दुर्रहमान अल मंसूरी मराकेश के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी थे और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मोरक्को के राजदूत भी रह चुके थे।

फातिमा ने फ्रांस की मोंटपेलियर यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और अमेरिका की पेस यूनिवर्सिटी से एंग्लो-अमेरिकन बिजनेस लॉ में डिग्री हासिल की। स्वदेश लौटने के बाद उन्होंने कॉरपोरेट कानून की प्रैक्टिस शुरू की।

राजनीतिक सफर की शुरुआत उन्होंने 2008 में PAM पार्टी की स्थापना के साथ की। साल 2009 में वह महज 33 साल की उम्र में मराकेश की मेयर चुनी गईं। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला थीं। 2021 के चुनावों में वह दोबारा मराकेश की मेयर बनीं। इसके साथ ही वे अजीज अखनूच की पिछली सरकार में राष्ट्रीय योजना, शहरी विकास और आवास मंत्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं।

गठबंधन सरकार की चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं

फातिमा के सामने सबसे पहली और बड़ी चुनौती अन्य दलों को साथ लाकर एक स्थिर गठबंधन सरकार बनाने की है। हालांकि उनकी पार्टी PAM ने स्पष्ट किया है कि वह सभी दलों के साथ संवाद के लिए तैयार है, लेकिन मध्यमार्गी इस्लामिक पार्टी PJD ने विपक्ष में बैठने का फैसला किया है।

नई सरकार के सामने आर्थिक चुनौतियां भी कम नहीं हैं। देश में बेरोजगारी, महंगाई और जनसेवाओं में सुधार को लेकर युवाओं में असंतोष है। फातिमा की पार्टी ने चुनाव के दौरान अगले पांच सालों में 10 लाख नए रोजगार पैदा करने, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और वेतन बढ़ाने का वादा किया था।

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इसके अतिरिक्त, मोरक्को स्पेन और पुर्तगाल के साथ मिलकर 2030 फीफा फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी करने जा रहा है। इसके लिए देश में अरबों डॉलर के बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इन बड़े प्रोजेक्ट्स को सही समय पर पूरा करना और देश की आर्थिक विकास दर को गति देना नई प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।