'Vande Mataram' instilled patriotism, united Indians in the freedom struggle: Vice President
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीयों में देशभक्ति की भावना जगाने और अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, धर्मों और सामाजिक पृष्ठभूमियों के लोगों को एकजुट करने में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ ने अहम भूमिका निभाई।
‘वंदे मातरम्’ गीत की रचना के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हर घर तिरंगा’ बाइक रैली को यहां भारत मंडपम में संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के दो शब्द ने ‘‘उस समय हर भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना को जगाया’’ और यही वह मुख्य ताकत बनी जिसने भारत से ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन को उखाड़ फेंका।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी आजादी की लड़ाई भारतीय सोच, भारतीय भावना और भारतीय चेतना की जागृति थी। इसने अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, धर्मों और सामाजिक पृष्ठभूमियों के लोगों को आजादी के एक साझे सपने और ‘एक भारत’ के साझे सपने के जरिए एकजुट किया।’’
राधाकृष्णन ने कहा कि जब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने इन अमर शब्दों को लिखा, तो उन्होंने ‘‘आजाद माहौल में सांस लेने की चाह रखने वाले इस राष्ट्र की आत्मा को आवाज दी’’।