अनंत नागेश्वरन ने कनाडा हाई कमिश्नर से CEPA पर की चर्

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 20-07-2026
V. Anantha Nageswaran meets Canadian High Commissioner; discusses opportunities through CEPA and driving sustainable growth
V. Anantha Nageswaran meets Canadian High Commissioner; discusses opportunities through CEPA and driving sustainable growth

 

नई दिल्ली

भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कनाडा के हाई कमिश्नर क्रिस्टोफर कूटर से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच प्रस्तावित कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA), निवेश बढ़ाने और टिकाऊ विकास को लेकर चर्चा हुई।

कनाडा इन इंडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में CEPA के जरिए नए आर्थिक अवसरों को खोलने, व्यापार और निवेश संबंधों को गहरा करने पर बातचीत हुई।

CEPA वार्ता में हुई प्रगति

यह बैठक भारत-कनाडा CEPA समझौते की तीसरे दौर की बातचीत के बाद हुई है। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच यह वार्ता 6 से 10 जुलाई 2026 तक कनाडा के ओटावा में आयोजित की गई थी।

वाणिज्य विभाग के अनुसार, इस दौर की बातचीत में कई अहम क्षेत्रों में सकारात्मक प्रगति हुई है। दोनों देशों ने साल 2026 के भीतर समझौते को पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

किन मुद्दों पर हुई बातचीत?

CEPA सिर्फ सामानों के व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें कई बड़े क्षेत्र शामिल होंगे:

  • सेवाओं में व्यापार
  • निवेश बढ़ाने के अवसर
  • डिजिटल व्यापार
  • सरकारी खरीद
  • सतत विकास

इसके अलावा दोनों देशों ने बाजार पहुंच, व्यापार नियम, कृषि, फार्मा, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों पर भी चर्चा की।

भारत-कनाडा व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

कनाडा भारत के लिए पोटाश, दालों और ऊर्जा का बड़ा स्रोत है, जबकि भारत कनाडा को दवाइयां, कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान और आईटी सेवाएं निर्यात करता है।

दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने के लिए CEPA को एक महत्वपूर्ण समझौते के तौर पर देखा जा रहा है। इससे कंपनियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं और निवेश को बढ़ावा मिल सकता है।

2026 में समझौते का लक्ष्य

भारत और कनाडा वैश्विक सप्लाई चेन में बदलाव के बीच अपने व्यापारिक साझेदारों को मजबूत करना चाहते हैं। CEPA पूरा होने के बाद इसे लागू करने से पहले कानूनी जांच और दोनों देशों की मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 10 अरब कनाडाई डॉलर रहा है। CEPA लागू होने के बाद व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।