Union Minister Jyotiraditya Scindia interacts with Students at Mizoram University, discusses Viksit Bharat
नई दिल्ली
केंद्रीय संचार और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को मिज़ोरम की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान मिज़ोरम यूनिवर्सिटी में छात्रों से बातचीत की। उन्होंने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) के 'अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम' के तहत उत्तर-पूर्व का दौरा कर रहे गोवा और चंडीगढ़ के छात्रों से भी बातचीत की और उनके अनुभवों व विचारों पर चर्चा की। छात्रों को संबोधित करते हुए, सिंधिया ने उत्तर-पूर्व की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह के आदान-प्रदान से युवाओं को इस क्षेत्र को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है, साथ ही सांस्कृतिक संबंध, आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता भी मज़बूत होती है।
जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आठ उत्तर-पूर्वी राज्यों को देश की 'अष्टलक्ष्मी' के रूप में विकसित करने के विज़न से प्रेरित यह कार्यक्रम पूरे भारत के छात्रों को इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता और विकास के अवसरों को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करने का अवसर प्रदान करता है। पिछले एक साल में 590 से अधिक छात्रों ने 'अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम' में भाग लिया है, जिससे उत्तर-पूर्व और देश के बाकी हिस्सों के बीच मज़बूत संबंध बने हैं।
सिंधिया ने आगे इस बात पर ज़ोर दिया कि यह पहल 'विकसित भारत 2047' के विज़न के अनुरूप है, जो युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है, भारत की विविधता का जश्न मनाती है और देश की विकास यात्रा में उत्तर-पूर्व की भूमिका को मज़बूत करती है।
बयान में कहा गया है कि इस बातचीत ने युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मज़बूत करने के प्रति DoNER मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दोहराया, साथ ही युवा मस्तिष्कों को एक अधिक जुड़े हुए और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
सोशल मीडिया पर बातचीत का विवरण साझा करते हुए, सिंधिया ने छात्रों की प्रतिभा और भारत के विकास पर चर्चा में उनके योगदान को रेखांकित किया। 'X' पर एक पोस्ट में सिंधिया ने कहा, "मिज़ोरम यूनिवर्सिटी के प्रतिभाशाली छात्रों के साथ दिल से दिल की प्यारी बातचीत! विकसित भारत के लिए स्पष्ट और साहसिक विचारों का आदान-प्रदान किया!"