आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरलम राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष पी. सतीदेवी ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा और उनका पीछा करने की घटनाएं बढ़ रही हैं और इनसे निपटने के लिए महिलाओं को कानूनी तौर पर कड़ा जवाब देने की जरूरत है।
सतीदेवी ने सोमवार को यहां वी. के. कृष्ण मेनन मेमोरियल महिला कॉलेज में आयोजित एक सेमिनार का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही। इसका आयोजन राष्ट्रीय महिला आयोग और राज्य महिला आयोग ने किया था।
उन्होंने कहा कि हिंसा और महिलाओं का पीछा करने की घटनाओं का मजबूती से मुकाबला करने के लिए कानूनी जागरूकता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि समानता मौलिक अधिकार होने के बावजूद, यह अफसोस की बात है कि आज के दौर में भी महिलाओं की अनदेखी की जाती है और उन्हें हिंसा का सामना करना पड़ता है।
सतीदेवी ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बारे में खुलकर बोलने और उनका जवाब देने के लिए साहस की जरूरत है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून मौजूद हैं, लेकिन वे अक्सर अपनी बात कहने से डरती हैं, न्याय के लिए किससे संपर्क करना है, इसकी जानकारी न होने और समाज की प्रतिक्रिया के डर से चुप रहती हैं।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति खतरनाक है, क्योंकि महिलाओं को घर के अंदर और बाहर तथा कार्यस्थल पर असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।