मोदी सरकार का कार्यकाल हिट: जितेंद्र सिंह

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 20-06-2026
Union Minister Jitendra Singh hails space, nuclear energy reforms under PM Modi, calls government's tenure a
Union Minister Jitendra Singh hails space, nuclear energy reforms under PM Modi, calls government's tenure a "hit"

 

नई दिल्ली
 
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह राणा ने शनिवार को अंतरिक्ष क्षेत्र, परमाणु ऊर्जा और विज्ञान और प्रौद्योगिकी में सरकार की पहलों को "हिट" बताया। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ रुकावटें आईं, लेकिन बाद के नतीजों ने बड़ी सफलता दिलाई। ANI के साथ एक इंटरव्यू में सिंह ने अपने कार्यकाल को सफल बताया। "हिट या मिस" (सफलता या असफलता) से जुड़े सवालों के जवाब में सिंह ने कहा, "ज़ाहिर है, यह एक हिट है, और अगर कहीं चूक भी हुई है, तो अगला कदम और बड़ी सफलता लेकर आया है।" भारत की अंतरिक्ष यात्रा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने चंद्रयान प्रोग्राम का उदाहरण दिया और कहा कि देश ने शुरुआती रुकावटों को पार करते हुए चंद्रमा की खोज में ऐतिहासिक सफलता हासिल की।
 
उन्होंने कहा, "चंद्रयान मिशन के दौरान, दूसरी कोशिश में हमें मनचाहे नतीजे नहीं मिले, लेकिन तीसरी कोशिश में हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाले पहले देश बन गए।" उन्होंने कहा कि अमेरिका और रूस के मुकाबले देर से शुरुआत करने के बावजूद अंतरिक्ष खोज में भारत की प्रगति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार नीतिगत प्रयासों का नतीजा है। सिंह ने वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और भारत के रिसर्च इकोसिस्टम को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री को दिया। उन्होंने परमाणु क्षेत्र के उदारीकरण पर भी ज़ोर दिया और कहा कि इसका मकसद विकास को बढ़ावा देना और रणनीतिक क्षेत्रों में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
 
परमाणु ऊर्जा सुधारों और निजी भागीदारी पर मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र को खोलने का असर पहले ही दिखने लगा है। उन्होंने कहा, "अब यह लगभग 9 बिलियन है, और यह देश की कुल विकास दर में योगदान देगा।" उन्होंने यह भी कहा कि नियमों में ढील के कारण विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) भी आ रहा है। हाल ही में पास हुआ 'सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया' (SHANTI) बिल, कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा और सुरक्षा उपायों के साथ जॉइंट वेंचर और निजी कंपनियों की भागीदारी के रास्ते खोलता है।
 
SHANTI बिल परमाणु ऊर्जा और आयनकारी विकिरण (ionising radiation) के प्रचार और विकास का प्रावधान करता है। इसका इस्तेमाल परमाणु बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य सेवा, भोजन, पानी, कृषि, उद्योग, रिसर्च, पर्यावरण और परमाणु विज्ञान व प्रौद्योगिकी में इनोवेशन के लिए किया जाएगा। इसका मकसद भारत के लोगों का कल्याण और इसके सुरक्षित इस्तेमाल के लिए एक मज़बूत रेगुलेटरी ढांचा तैयार करना है, साथ ही इससे जुड़े या संबंधित मामलों को देखना भी है। एनर्जी सिक्योरिटी पर बात करते हुए सिंह ने कहा कि भारत बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम करने और क्लीन एनर्जी को अपनाने की रफ़्तार बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने अनुमान लगाया कि 2047 तक भारत के बिजली उत्पादन में न्यूक्लियर एनर्जी की हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत होगी, जबकि रिन्यूएबल एनर्जी का योगदान लगभग 75 प्रतिशत होगा; साथ ही ओशन एनर्जी (समुद्री ऊर्जा) के क्षेत्र में भी विविधता आएगी।
 
रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) पर होने वाले खर्च को लेकर जताई गई चिंताओं पर उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से R&D पर भारत का कुल खर्च दोगुना हो गया है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और चीन के साथ तुलना करते समय उनके मज़बूत प्राइवेट सेक्टर और परोपकारी योगदान को भी ध्यान में रखना चाहिए। गगनयान मिशन के बारे में सिंह ने कहा कि इस प्रोग्राम के तहत अगले साल कम से कम एक अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में भेजने की कोशिशें चल रही हैं।
 
जम्मू-कश्मीर का ज़िक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि छोटे शहरों के छात्रों की सोच में साफ़ बदलाव आया है और उनकी उम्मीदें बढ़ी हैं; उन्होंने भारत में हुए विकास की तुलना पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर से की। राजनीतिक संगठनों पर टिप्पणी करते हुए सिंह ने कहा कि कैडर-आधारित पार्टियाँ ज़्यादा स्थिरता दिखाती हैं, जबकि परिवार-आधारित पार्टियों को लंबे समय तक टिके रहने और आंतरिक एकजुटता बनाए रखने में अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।