यूएनईपी प्रमुख ने ‘एयर कंडीशनर’ के बजाय ठंडक के लिए प्राकृतिक उपाय अपनाने की सलाह दी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 05-06-2026
UNEP chief recommends using natural ways to cool down instead of air conditioners
UNEP chief recommends using natural ways to cool down instead of air conditioners

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 भारत में गर्मी के मौसम में शहरों के हर साल असहनीय रूप से और अधिक गर्म होने के बीच, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की प्रमुख इंगर एंडरसन ने महंगे तथा अधिक बिजली खपत वाले ‘एयर कंडीशनर’ पर निर्भरता के बजाय ठंडक के लिए प्राकृतिक उपायों को अपनाए जाने की सलाह दी है।

यूएनईपी की कार्यकारी निदेशक एंडरसन ने विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘पीटीआई वीडियो’ से एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि स्थिति खासकर ‘‘बाहर शारीरिक श्रम करने वाले लोगों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, शिशुओं तथा बीमार लोगों समेत कमजोर वर्गों के लिए’’ बेहद चिंताजनक है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति यह है कि हर साल बाढ़, तूफान और जंगलों में आग लगने की घटनाओं से कुल जितने लोगों की मौत होती है, उससे अधिक लोगों की जान गर्मी का प्रकोप ले रहा है। अगर केवल कामगारों की बात करें, तो करीब 2.4 अरब लोगों यानी दुनिया के कुल कार्यबल के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से के खतरनाक गर्मी की चपेट में आने की आशंका है।’’
 
एंडरसन ने कहा, ‘‘भारत में असंगठित क्षेत्र के करीब 82 प्रतिशत कामगार इस दायरे में आते हैं।’’
 
उन्होंने कहा कि यह एक वैश्विक चुनौती है जिससे निपटने के लिए व्यापक कदम उठाने की जरूरत है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘नयी दिल्ली दुनिया के सबसे गर्म बड़े शहरों में से एक है। उमस से लोग परेशान हैं और तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है जो रहने लायक सीमा से अधिक है।’’
 
यूएनईपी प्रमुख ने ऊष्ण लहर से निपटने के लिए कार्य योजनाएं (एचएपी), ठंडक केंद्र, पर्याप्त पानी की उपलब्धता, समय रहते चेतावनी देने वाली प्रणालियां, छायादार विश्राम स्थल, असंगठित बस्तियों में ठंडी छतें और भीषण गर्मी में काम के घंटों में बदलाव समेत उन व्यापक कदमों का उल्लेख किया, जिन्हें गंभीरता से अपनाने की जरूरत है।