उत्तर प्रदेश पुलिस ने किसानों के साथ बर्बरता की, मेरठ में हुई घटना की जांच कराई जाए: अखिलेश यादव

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 21-08-2026
Uttar Pradesh police brutalised farmers, Meerut incident should be investigated: Akhilesh Yadav
Uttar Pradesh police brutalised farmers, Meerut incident should be investigated: Akhilesh Yadav

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में किसान नेताओं को पुलिस हिरासत में "थर्ड डिग्री" यातना दी गई।
 
उन्होंने मामले की पूरी जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
 
यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “किसान का अपमान, देश का अपमान है! भाजपा ने किसान के मुंह पर लात मरवाकर पूरे देश के किसानों को धमकाने का जो कुकृत्य किया है वो अक्षम्य है।”
 
उन्होंने अमरोहा के सपा कार्यकर्ता दिग्विजय भाटी के आरोपों के समर्थन में यह टिप्पणी की है, जिन्होंने दावा किया था कि मेरठ में एक दलित लड़की की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उनकी बेरहमी से पिटाई की गई थी।
 
यादव ने पोस्ट में भाटी की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें उनकी आंख पर चोट के निशान देखे जा सकते हैं।
 
उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा किसान नेताओं को थाने में थर्ड डिग्री यातना देना दर्शाता है कि हार के डर से वह कितनी बौखलाई है।”
 
भाटी ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में आरोप लगाया कि मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शन में शामिल होने के कारण दो दिन पहले उनकी पिटाई की गई थी।
 
भाटी ने यह दावा भी किया कि विशेष अभियान समूह (एसओजी) के सदस्यों ने उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर कई घंटों तक यातना दी। वीडियो में भाटी की बाईं आंख काफी सूजी हुई दिखाई दे रही थी।
 
उत्तर प्रदेश में आईपीएस अधिकारियों के तबादले के तहत पांडेय को बृहस्पतिवार शाम लखनऊ स्थानांतरित कर दिया गया।
 
यादव के आरोपों पर मेरठ पुलिस ने कहा कि 19 अगस्त को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आए लोगों से दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों पर संज्ञान लिया गया है।