आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद मार्ग पुलिस थाना परिसर स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना देकर ‘‘अराजक राजनीति’’ में लिप्त होने का आरोप लगाया।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि गांधी को कानून-व्यवस्था की कोई परवाह नहीं है और वह ‘‘तुष्टीकरण की राजनीति’’ कर रहे हैं।
गांधी, 20 जुलाई को छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के छर्रों से घायल हुए युवक के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए शुक्रवार को संसद मार्ग थाना परिसर स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ की गई ‘‘बर्बरता’ एक गंभीर अपराध है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद रविशंकर प्रसाद ने यहां संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि गांधी यह विरोध प्रदर्शन लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस को एहसास हो गया है कि ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर उसका रुख गलत था।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा आरोप है कि ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर अपने रुख को लेकर कांग्रेस घिर गई है और अब वह लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।’’
प्रसाद ने कहा कि गांधी ने बिना अनुमति या पूर्व सूचना के धरना दिया था। उन्होंने कहा कि मामले की पहले से ही जांच की जा रही है और सवाल उठाया कि जब इस मामले की जांच की जा रही है, तब कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला क्यों किया।
उन्होंने कहा कि यह मामला इस प्रकरण के संबंध में उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के समक्ष भी विचाराधीन है।
प्रसाद ने कहा, ‘‘कांग्रेस अब राहुल गांधी की तुष्टीकरण की राजनीति से संचालित होने वाली पार्टी बन गई है।’’
गांधी 19 वर्षीय साहिल लोचब, उनके परिवार और वकीलों के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे और वहां पुलिस उपायुक्त कार्यालय में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
लोचब और उनके परिवार का आरोप है कि दिल्ली में छात्रों के संसद मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई में पैलेट गन के छर्रों से लोचब घायल हो गए थे।