UDISE report: Tamil Nadu ahead of national average on key school education parameters
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
यूडीआईएसई ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि लगभग हर प्रमुख संकेतक—छात्रों की भागीदारी, शिक्षकों की उपलब्धता, बुनियादी ढांचा और शैक्षणिक प्रगति—के मामले में तमिलनाडु का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है।
तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को यहां जारी एक बयान में शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में अब ऐसा स्कूल शिक्षा तंत्र मौजूद है, जिसने शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित की है और छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए कई उच्च-गुणवत्ता वाले विकल्प उपलब्ध करा रहा है।
सबसे उल्लेखनीय निष्कर्षों में से एक यह है कि तमिलनाडु देश के कुल स्कूली बच्चों में से पांच प्रतिशत को शिक्षा प्रदान करता है, जबकि देश के कुल स्कूलों में उसकी हिस्सेदारी केवल 3.9 प्रतिशत है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसका मतलब है कि तमिलनाडु के स्कूल आकार में बड़े हैं और उनका बेहतर ढंग से उपयोग किया जा रहा है। यही वजह है कि ये स्कूल शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा तक पहुंच से समझौता किए बिना अधिक छात्रों को शिक्षा देने में सक्षम हैं।
वर्तमान में तमिलनाडु में 57,566 स्कूल, 1,24,02,872 छात्र-छात्राएं और 5,69,909 शिक्षक हैं। राज्य में प्रति शिक्षक औसतन 22 छात्र हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 24 छात्रों का है।
रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु के प्रत्येक स्कूल में औसतन 215 छात्र और 10 शिक्षक हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर प्रति स्कूल औसतन 169 छात्र हैं। इससे पता चलता है कि राज्य में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा रहा है।
तमिलनाडु की सबसे बड़ी सफलता इस बात से जाहिर होती है कि यहां के बच्चे देश के अधिकांश राज्यों की तुलना में कहीं अधिक समय तक अपनी पढ़ाई जारी रखते हैं।