उद्धव को राम और हनुमान की याद सिर्फ़ विरोध-प्रदर्शनों के दौरान ही आती है: मंत्री शिरसाट

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-07-2026
Uddhav remembers Ram and Hanuman only during protests: Minister Shirsat
Uddhav remembers Ram and Hanuman only during protests: Minister Shirsat

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने शुक्रवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर पार्टी का आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि उसके प्रमुख उद्धव ठाकरे को भगवान राम और हनुमान की याद केवल आंदोलन के समय ही आती है।

छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिरसाट ने ‘राम रक्षा’ विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि ठाकरे ने 2024 में अयोध्या मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रण मिलने के बावजूद हिस्सा नहीं लिया था।
 
उन्होंने कहा, "यह उनका आंदोलन है और इस पर ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है लेकिन इससे यह साबित होता है कि उन्हें (उद्धव ठाकरे को) भगवान राम और हनुमान की याद केवल आंदोलन के समय आती है। उन्होंने हनुमान चालीसा भी पढ़ी है और अब धार्मिक बनने लगे हैं।"
 
शिवसेना नेता ने वर्ष 2022 की उस घटना का भी उल्लेख किया, जब पूर्व भाजपा सांसद नवनीत राणा ने उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा की थी, जिसके बाद उन्हें कुछ दिनों के लिए जेल जाना पड़ा था।
 
शिरसाट ने कहा कि राज्य सरकार 18 जुलाई को नागपुर में होने वाले शिवसेना (उबाठा) के विरोध प्रदर्शन पर कोई रोक नहीं लगाएगी।
 
नागपुर के प्रदर्शन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को आमंत्रित किए जाने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी को आंदोलन में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
 
उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे स्वयं अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं हुए थे और उन्होंने निमंत्रण की अनदेखी की थी।
 
मंत्री ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बीच बातचीत का उल्लेख करते हुए महाराष्ट्र की राजनीति में "बदलाव" के संकेत भी दिए।
 
उन्होंने कहा, "राजनीति में बदलाव हो रहे हैं। मैंने सुना है कि शरद पवार की राजग के साथ बातचीत हो रही है। वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और सुनील तटकरे भी अलग-अलग बातचीत कर रहे हैं। इन वार्ताओं का नतीजा कुछ दिनों या एक सप्ताह में सामने आ जाएगा।"
 
शिवसेना नेता ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नई दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन जल्द समाप्त होगा।
 
उन्होंने कहा, "अनशन का आज 20वां दिन है। अदालत ने भी इस पर संज्ञान लिया है। हमारी पार्टी का मानना है कि इस आंदोलन का कोई सकारात्मक समाधान निकालकर इसे समाप्त किया जाना चाहिए।"