Uddhav dismisses claims of rebel MPs about Shiv Sena (Ubatha) merging with Congress.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने छह बागी सांसदों के उन दावों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि उन्हें डर था कि पार्टी कांग्रेस में विलय कर सकती है।
उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा कि शिवसेना ने हमेशा हिंदुत्व और 'भूमिपुत्रों' का समर्थन किया है।
चार साल में दूसरी बार अपनी पार्टी की संभावित टूट पर पहली टिप्पणी में ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि शिवसेना किसी के साथ विलय करने के लिए नहीं बनी है।
ठाकरे ने बाल ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर शिवसेना (उबाठा) कार्यकर्ताओं से कहा, ‘‘इसे मराठी लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने और हिंदुत्व की रक्षा करने के लिए बनाया गया था।’’
उन्होंने बागी सांसदों के उन दावों की आलोचना की जिनमें कहा गया था कि उन्हें डर था कि शिवसेना (उबाठा) कांग्रेस में विलय कर सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर 30 साल तक सहयोगी रहने के बावजूद हमने भाजपा के साथ विलय नहीं किया, तो हम कांग्रेस के साथ विलय कैसे कर सकते हैं? मुझे डर है कि कहीं महाराष्ट्र भाजपा का शिंदे नीत शिवसेना में विलय न हो जाये।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ हमारे गहरे राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन उसने कभी भी शिवसेना को खत्म करने की कोशिश नहीं की, जैसा कि भाजपा कर रही है।
व्हिप की अनदेखी करते हुए, शिवसेना (उबाठा) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में हुई संसदीय दल की एक अहम बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में शामिल न होने वाले सांसदों में नागेश आष्टिकर, संजय जाधव, संजय देशमुख, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने उन सांसदों को चुनने के लिए मतदाताओं से माफ़ी मांगी, जो अब पाला बदलने को तैयार दिख रहे हैं।