आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय उद्योग जगत के शीर्ष नेताओं ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारत की वृद्धि महत्वाकांक्षाओं को गति प्रदान देगा। उन्होंने साथ ही कहा कि इससे देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण एवं नवाचार केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।
दोनों देशों के बीच हुए इस व्यापार समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए महिंद्रा ग्रुप के सीईओ और प्रबंध निदेशक अनीश शाह ने इसे ''द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम'' बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत वृद्धि पथ पर होने के साथ, यह सौदा भारत की वृद्धि महत्वाकांक्षाओं को सार्थक गति प्रदान करता है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि कम शुल्क से इन दो महान देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलेगी और निवेश तथा सहयोग के अतिरिक्त अवसर मिलेंगे।
यह बताते हुए कि आदित्य बिड़ला ग्रुप अमेरिका में सबसे बड़ा भारतीय निवेशक है, उन्होंने कहा कि यह समझौता अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखला बनाने, विनिर्माण के अवसरों को खोलने और अमेरिका तथा भारत में दीर्घकालिक आर्थिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
टीवीएस मोटर कंपनी के चेयरमैन सुदर्शन वेणु ने भी कहा कि भारतीय सामानों पर अमेरिकी जवाबी शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करना एक सकारात्मक कदम है, जो निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करता है और दीर्घकालिक द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में विश्वास पैदा करता है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में, व्यापार में खुलापन भारतीय उद्योग को विस्तार करने, नवाचार करने और नौकरियां पैदा करने में मदद करेगा।
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने 'एक्स' पोस्ट किया, ''इससे संभलकर आगे बढ़ने के लाभों का पता चलता है। जब शोर थम जाएगा, तो दो स्वाभाविक साझेदार साथ आएंगे।''