सदन में कामकाज से जुड़े दस्तावेज को ही उद्धृत कर सकते हैं सदस्य: विशेषज्ञ

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-02-2026
Members can only quote documents related to the business of the House: Experts
Members can only quote documents related to the business of the House: Experts

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा संसद में पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवणे के अप्रकाशित ‘संस्मरण’ से उद्धरण देने से जुड़े विवाद के बीच संसदीय प्रक्रियाओं के एक विशेषज्ञ ने मंगलवार को कहा कि नियम 349 सदस्यों को सदन के कामकाज से संबंधित मामलों के अलावा किसी भी किताब, अख़बार या पत्र को पढ़ने से रोकता है।

हालांकि, इस नियम में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वह दस्तावेज़ प्रकाशित है या अप्रकाशित।
 
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अध्यक्ष ओम बिरला के बीच उस वक्त गतिरोध की स्थिति देखने को मिली, जब अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता को पूर्व सेना प्रमुख के अप्रकाशित संस्मरण से उद्धरण देने की अनुमति नहीं दी और सदन के नियम का हवाला दिया।
 
नरवणे के इस संस्मरण में भारत और चीन के बीच सैन्य तनाव से जुड़े प्रकरण का उल्लेख है।
 
लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने नियम 349 का हवाला देते हुए राहुल गांधी को इस पुस्तक के कुछ अंश उद्धृत करने से रोका।
 
लोकसभा के पूर्व महासचिव पी. डी. आचारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “यदि दस्तावेज सदन के कामकाज से जुड़ा हो, तो कोई सदस्य इनसे संदर्भ दे सकता है।”
 
उन्होंने कहा कि नियम “नकारात्मक भाषा” में लिखा गया है, लेकिन उसका “सकारात्मक अर्थ” भी है, जो सदस्यों को सदन के काम से संबंधित दस्तावेज़ों से उद्धरण देने की अनुमति भी देता है।