BJP should answer under whose pressure did it attack farmers again: Akhilesh Yadav
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार सौदे को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए मंगलवार को कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजारों को खोलना देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी के साथ ‘‘विश्वासघात’’ है, जो खेती पर निर्भर है।
यादव ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने फिर किया ‘किसानों’ पर वार, भाजपा सरकार दे जवाब, क्या है दबाव।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भारत के बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों व खाद्यान्नों के लिए खोल देना, हमारे देश की खेती-किसानी पर रोज़ी-बसर करने वाली 70 प्रतिशत आबादी के साथ धोखा है।’’
सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधते हुए यादव ने दावा किया, ‘‘भाजपाई और उनके संगी-साथी आजादी से पहले भी विदेशियों के एजेंट थे, आज भी हैं। आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की बात करने वाले भाजपाई और उनके संगी-साथी जनता के बीच जाकर बताएं कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के साथ धोखा करने के लिए कितना ‘कमीशन’ खाया है।’’
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने आशंका जताते हुए कहा, ‘‘इससे केवल किसान ही नहीं, निम्न मध्यवर्ग और मध्यम वर्ग भी बुरी तरह प्रभावित होगा क्योंकि इससे खाद्यान्न और कृषि उत्पादों की मुनाफ़ाखोरी व बिचौलियों की एक नयी जमात पैदा हो जाएगी, जिसकी वजह से खाने-पीने की सब चीज़ें और भी महंगी हो जाएंगी। साथ ही भाजपा इन कंपनियों से चंदा वसूली भी करेगी, जिससे खाद्य व कृषि उत्पाद और भी ज़्यादा महंगे हो जाएंगे।’’
यादव ने कहा कि इससे धीरे-धीरे हमारे किसानों की खेती बाड़ी और आय कम हो जाएगी और वे मजबूर होकर अपनी ज़मीन अमीरों व कॉरपोरेट को बेचने पर मजबूर हो जाएंगे। ज़मीनों पर कब्जा करना ही भाजपाई और उनके संगी-साथियों का आखिरी मकसद है।
प्रस्तावित बीज विधेयक की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय खेती के लिए घातक ‘सीड बिल’ उसी कृषि और किसान विरोधी भाजपा सरकार की दिमागी उपज है जो भू अधिग्रहण और काले-क़ानून लाई थी। जो हर साल खाद की लाइन में लोगों को लगाकर उनको अपमानित करती है।