डोडा/नई दिल्ली।
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। क्षेत्र में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जबकि भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कों के अवरुद्ध होने का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अगले दो दिनों तक विशेष सतर्कता बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
गंडोह के उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अरुण कुमार बडियाल ने क्षेत्र के निवासियों को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों को देखते हुए लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा काफी बढ़ गया है।
एसडीएम ने लोगों से अपील की कि वे अगले दो दिनों तक अत्यधिक सावधानी बरतें और बिना आवश्यकता घरों से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करनी चाहिए।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करने की सलाह दी है।
इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने देश में जुलाई 2026 के दौरान औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना जताई है। आईएमडी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जुलाई महीने में पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर जुलाई महीने में देशभर में औसत वर्षा लगभग 280.4 मिलीमीटर होती है। हालांकि, इस वर्ष देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।
आईएमडी ने कहा है कि उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य भारत तथा पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है, जबकि देश के अधिकांश अन्य क्षेत्रों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में कमजोर एल नीनो-दक्षिणी दोलन (ईएनएसओ) की स्थिति बनी हुई है, जबकि हिंद महासागर में तटस्थ इंडियन ओशन डाइपोल (आईओडी) की स्थिति देखी जा रही है। मॉडल पूर्वानुमानों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान तटस्थ आईओडी की स्थिति बनी रह सकती है।
आईएमडी ने यह भी बताया कि इस वर्ष जून महीने में देश में वर्षा का स्तर बेहद कम रहा। देश में जून 2026 के दौरान सामान्य 165.3 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 99.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 39.8 प्रतिशत कम है। यह वर्ष 1901 के बाद जून महीने में दर्ज की गई पांचवीं सबसे कम वर्षा है।
देश के 36 मौसमीय उपखंडों में से 24 उपखंडों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई, जबकि तीन क्षेत्रों में अत्यधिक कमी दर्ज की गई।
हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के कुछ हिस्सों और पूरे जम्मू-कश्मीर में आगे बढ़ सकता है। इससे इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।