आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के समझौते को अंतिम रूप दिए जाने का सोमवार को स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता आएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को 107 दिन से जारी लड़ाई को खत्म करने के समझौते को अंतिम रूप देने की घोषणा की। इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाने हैं।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली जरदारी ने इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘ यह बहुपक्षवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम’’ है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर सहमति बनने की घोषणा का स्वागत करता हूं। उम्मीद है कि इससे अंतिम समझौते का रास्ता साफ होगा और क्षेत्र में स्थायी व व्यापक शांति की नींव पड़ेगी।’’
पाकिस्तान अमेरिका-ईरान बातचीत में एक अहम मध्यस्थ के तौर पर उभरा है। उसने अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित करने में मदद की और टकराव खत्म करने के उद्देश्य से की जा रही कूटनीतिक कोशिशों की मेजबानी की।
उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार ने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का ‘दिल से स्वागत करता है’।
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘ हम 19 जून को जिनेवा में होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर समारोह का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और हमें पूरा भरोसा है कि यह सकारात्मक घटनाक्रम इस क्षेत्र और उससे आगे भी स्थायी शांति, स्थिरता और साझा समृद्धि का रास्ता खोलेगा।’’
डार ने कहा कि बातचीत के दौरान पाकिस्तान सभी संबंधित पक्षों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा रहा और लगातार ‘‘संयम और रचनात्मक जुड़ाव’’ की वकालत करता रहा। उन्होंने रेखांकित किया कि सभी मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र कारगर तरीका है।
उन्होंने सऊदी अरब, कतर, तुर्किये और मिस्र जैसे देशों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को भी इस ‘‘महत्वपूर्ण उपलब्धि’’ को हासिल करने में मदद के लिए धन्यवाद दिया।