आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों के शुरुआती विरोध को याद करते हुए सोमवार को कहा कि उन्होंने जेवर के किसानों को भरोसा दिलाया था कि यह हवाई अड्डा किसानों की किस्मत बदल देगा।
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी जेवर के उन किसानों और ग्रामीणों से बातचीत के दौरान की, जिनकी जमीन हवाई अड्डा परियोजना के पहले चरण के लिए अधिग्रहीत की गई थी।
उन्होंने कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत जेवर, गौतमबुद्ध नगर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और देश के विमानन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।
जेवर के किसान सोमवार सुबह नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यात्री सेवाएं शुरू होने के बाद इंडिगो की पहली उड़ान से लखनऊ पहुंचे। बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
योगी ने कहा, ‘‘आज पहली उड़ान से यहां पहुंचे सभी किसान भाइयों-बहनों और जेवर के नागरिकों का मैं हृदय से स्वागत और अभिनंदन करता हूं।’’
परियोजना के शुरुआती दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल से जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी करने के लिए 100 दिन का समय दिया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘जब 100 दिन बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई तो मैंने पूछा कि क्या हुआ। मुझे बताया गया कि किसान जमीन देने को तैयार नहीं हैं।’’
योगी ने बताया कि इसके बाद उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में लगभग 100 किसानों के साथ बैठक कर परियोजना पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब मैंने किसानों से कहा कि हम यहां एक हवाई अड्डा बनाना चाहते हैं, तो उन्होंने साफ कहा कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे।’’
योगी ने कहा कि तब उन्होंने किसानों को समझाया कि यह परियोजना क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल देगी तथा उन्हें प्रस्ताव पर विचार करने के लिए एक घंटे का समय दिया।