Today, the entire humanity is paying the price for neglecting the environment: Yogi Adityanath
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि पर्यावरण की उपेक्षा की कीमत आज पूरी मानवता चुका रही है।
योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर विश्व बैंक समर्थित 2,741 करोड़ रुपये की लागत वाली भारत की पहली एयरशेड आधारित ''उत्तर प्रदेश स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना'' की शुरुआत करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर विश्व बैंक के साथ एक समझौता ज्ञापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए। साथ ही योगी ने प्रदेश में 35 करोड़ पौधरोपण लक्ष्य के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के लोगो और अन्य श्रृंखला का अनावरण किया।
समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने कहा ''आज का दिन हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि सामान्य बोलचाल की भाषा में कहा जाता है कि ''जल है तो कल है, वन है तो जीवन है। एक दूसरे के साथ जीवन चक्र जुड़ा हुआ है, लेकिन उनकी (पर्यावरण की) हमने सर्वाधिक उपेक्षा भी की है और उस उपेक्षा की कीमत आज पूरी मानवता चुका रही है।''
योगी ने कहा कि 40-45 या 50 वर्ष की उम्र का हर व्यक्ति यह महसूस करता है कि उसके जीवन के कालखंड में पर्यावरण के साथ हुए खिलवाड़ की कीमत को हम सब चुका रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबने मौसम चक्र को बदलते हुए देखा होगा और आज से 25 वर्ष पहले मौसम का जो चक्र होता था, उसमें एक से डेढ़ महीने का अंतर आ गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मौसम चक्र में अंतर आएगा तो सबसे अधिक प्रभावित किसान होगा और उसकी आमदनी पर असर पड़ेगा। ''हमें अतिवृष्टि, अनावृष्टि का सामना करना पड़ेगा। खाद्यान्न का संकट खड़ा हो सकता है और पूरी दुनिया उन चीजों से चिंतित भी है।''
उन्होंने जोर देकर कहा कि असमय घटने वाली प्राकृतिक आपदाएं एक चेतावनी भी हैं जिनसे बचने के लिए उपायों के प्रयास करना है।
उप्र के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार ने भी समारोह को संबोधित किया।