आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के धर्मनिरपेक्ष रुख पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यूडीएफ सांप्रदायिकता का कड़ा विरोध करेगा।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सतीशन ने कहा कि उनके और यूडीएफ द्वारा अपनाए गये धर्मनिरपेक्ष रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बेहद मजबूत धर्मनिरपेक्ष रुख है। जो भी सांप्रदायिकता की भाषा बोलेगा, उसका कड़ा विरोध किया जाएगा। यह यूडीएफ का दृढ़ धर्मनिरपेक्ष रुख है। इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता।’’
मुख्यमंत्री पदभार ग्रहण करने से पहले और बाद में यहां ईसाई बिशप के घरों की अपनी हालिया यात्राओं के संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने पूछा, ‘‘बिशप के घरों का दौरा करने में क्या गलत है?’’
सतीशन ने कहा कि वह चुनाव जीतने के बाद वहां गए थे, किसी प्रकार का लाभ उठाने के इरादे से नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने लैटिन बिशप हाउस का दौरा आर्चबिशप थॉमस जे नेटो के साथ अपने घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंधों के कारण किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कार्डिनल क्लीमिस से भी मुलाकात की। मैं शिवगिरि मठ जाने की भी योजना बना रहा हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मठ के भिक्षु कुछ दिन पहले मुझे आशीर्वाद देने आए थे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका इरादा सभी के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने का है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने उनकी आलोचना की है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन लोगों से भी मिलूंगा जिन्होंने मेरे खिलाफ बोला था। इस पद पर रहते हुए, सबको एकजुट करने की जिम्मेदारी होती है। सभी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष रुख पर कोई समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने अभिनेत्री रिनी ऐन जॉर्ज के बारे में भी सवालों का जवाब दिया जिन्होंने पलक्कड़ के पूर्व विधायक राहुल ममकुटाथिल पर आरोप लगाए थे।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक वर्ग द्वारा जॉर्ज के प्रति नाराजगी जताई गई थी। अभिनेत्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साइबर हमलों का भी सामना कर रही हैं।
सतीशन ने कहा कि सोशल मीडिया तेजी से एक ऐसा मंच बनता जा रहा है जहां महिलाओं को अपमानित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा अपमान महिला पत्रकारों को झेलना पड़ता है और सोशल मीडिया महिलाओं को अपमानित करने का अड्डा बन गया है।