The 'padukas' of seven saints of the Varkari tradition were brought to Latur by helicopter, and religious festivities began.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पुणे जिले के देहू और आलंदी से शनिवार को एक विशेष हेलीकॉप्टर से वारकरी परंपरा के सात संतों की ‘पादुकाएं’ लातूर पहुंचाई गईं, जिसके साथ ही शहर में एक बड़े धार्मिक उत्सव की शुरुआत हो गई।
आयोजकों ने बताया कि इन चरण पादुकाओं का आगमन संत ज्ञानेश्वर की 750वीं जयंती, संत नामदेव और संत जनाबाई के स्मारक तथा संत तुकाराम के स्मृति समारोहों सहित कई स्मारक कार्यक्रमों का हिस्सा है।
एक भव्य शोभायात्रा के दौरान दो रथों में इन पवित्र पादुकाओं को लातूर तहसील के खंडापूर गांव ले जाया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि पारंपरिक ‘रिंगण’ अनुष्ठान के लिए आलंदी और देहू से घोड़े लाए जाएंगे, जो वारकरी परंपरा का एक प्रतीकात्मक आकर्षण है।
महाराष्ट्र भर से लाखों श्रद्धालु इस दस दिवसीय भक्ति उत्सव में भाग लेंगे।