अदालत की सख्त टिप्पणियों ने भाजपा सरकार के दमनकारी चरित्र को बेनकाब किया: अशोक गहलोत

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-07-2026
 the oppressive character of the BJP government: Ashok Gehlot
the oppressive character of the BJP government: Ashok Gehlot

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि बंबई उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के दमनकारी और अलोकतांत्रिक चरित्र को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।
 
दरअसल बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अपने एक आदेश में कहा कि सरकार के खिलाफ आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने मात्र के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ जिला बदर का आदेश पारित नहीं किया जा सकता।
 
न्यायमूर्ति माधव जामदार की एकल पीठ ने एक स्थानीय नेता के खिलाफ जारी एक वर्ष के जिला बदर आदेश को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की।
 
गहलोत की यह टिप्पणी अदालत के आदेश के बाद आई है।
 
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, ‘‘ बंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति माधव जामदार की सख्त टिप्पणियों ने भाजपा सरकार के दमनकारी और अलोकतांत्रिक चरित्र को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। सरकार को इन टिप्पणियों पर केवल 'मनन' नहीं, बल्कि अपने कृत्य पर शर्म करनी चाहिए।’’
 
गहलोत ने कहा, ‘‘ लोकतंत्र में विरोध की आज़ादी ही उसकी आत्मा है, लेकिन भाजपा ने इसे 'बनाना रिपब्लिक' बना दिया है, जहां महज राजनीतिक नारेबाजी को भी बदले की कार्रवाई का आधार बना लिया जाता है। सत्ता के अहंकार में चूर भाजपा सरकारों की यह कायरतापूर्ण और तानाशाह कार्रवाइयां लोकतंत्र पर कलंक हैं।’’
 
गहलोत ने आरोप लगाया कि पिछले 12 साल में देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है जहां सरकार के विरोध को 'देशद्रोह' का रूप दे दिया जाता है।
 
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता भूल गए हैं कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन में वे खुद कितनी आक्रामकता से विरोध करते थे और कांग्रेस उसे सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया मानती थी।
 
उन्होंने कहा, ‘‘ आज केवल सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलने पर भाजपा शासित राज्यों में पत्रकारों, नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें महीनों-वर्षों तक जेल में बंद रखा जा रहा है।’’