आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन सोमवार को विपक्षी सदस्यों ने परीक्षाओं में कथित अनियमितता, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा किया जिसके कारण राज्यसभा की बैठक पांच बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब ढाई बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
हंगामे के कारण उच्च सदन में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके और कोई विधायी कामकाज भी नहीं हो सका।
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के कथित बल प्रयोग के मुद्दे पर सदन की कार्यवाही पांच बार बाधित हुई।
इस मुद्दे पर हंगामे के कारण चार बार के स्थगन के बाद जब दोपहर ढाई बजे बैठक पुन: शुरू हुई तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने फिर से शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा उठाया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे।
उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि सुबह से अब तक कोई कामकाज नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा, ‘‘सदन की गरिमा बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। यह उच्च सदन है और इस तरह का व्यवधान उचित नहीं है।’’
हंगामा थमते न देख उन्होंने बैठक शुरू होने के एक मिनट के भीतर ही कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।