मप्र में ‘जंगल के राजा’ को मिला नया आशियाना जहां ‘मुसाफिर’ से ‘बाशिंदे’ बने बाघ

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 27-04-2026
The 'king of the jungle' has found a new home in Madhya Pradesh
The 'king of the jungle' has found a new home in Madhya Pradesh

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
मध्यप्रदेश में ‘जंगल के राजा’ बाघ को खिवनी वन्यजीव अभयारण्य के रूप में नया घर मिल गया है।
 
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाघ पहले इस अभयारण्य को गलियारे के तौर पर इस्तेमाल करते हुए किसी ‘मुसाफिर’ की तरह गुजर जाते थे, लेकिन संरक्षण के प्रयासों की सफलता के कारण अब वे इसमें बसकर अपना कुनबा बढ़ाने लगे हैं।
 
खिवनी वन्य जीव अभयारण्य के अधीक्षक विकास माहोरे ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि हाल के दिनों में अभयारण्य में करीब 10 वयस्क बाघ-बाघिनों और पांच से छह शावकों की मौजूदगी के सुराग मिले हैं।
 
माहोरे ने बताया, “कुछ साल पहले खिवनी अभयारण्य में बाघ मुश्किल से दिखते थे। कभी-कभार एक-दो बाघ नजर आ जाते थे, लेकिन अब बेहतर संरक्षण और सुरक्षित आवास मिलने के कारण बाघों की तादाद बढ़ी है।"
 
देवास जिले में वर्ष 1982 के दौरान खिवनी वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना की गई थी। बाद में अभयारण्य का विस्तार करके सीहोर जिले के वन क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया था।