हिज़बुल्लाह-इज़राइल तनाव: बातचीत से इनकार, हमले जारी

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 27-04-2026
Hezbollah-Israel Tensions: Talks Ruled Out, Attacks Continue
Hezbollah-Israel Tensions: Talks Ruled Out, Attacks Continue

 

बेरूत (लेबनान)

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जहां हिज़बुल्लाह प्रमुख नईम कासेम ने इज़राइल के साथ सीधे बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। दूसरी ओर, इज़रायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य कार्रवाई और हमलों की पुष्टि की है, जिससे क्षेत्र में स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।

हिज़बुल्लाह प्रमुख नईम कासेम ने सोमवार को दोहराया कि उनका संगठन इज़राइल के साथ किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष बातचीत के लिए तैयार नहीं है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष वार्ता “अस्वीकार्य” है और संगठन अपने हथियार नहीं छोड़ेगा।

कासेम ने कहा, “हम अपने हथियार नहीं छोड़ेंगे और रक्षा तथा सैन्य मोर्चे ने हमारी मुकाबले की तैयारी साबित की है।” उन्होंने लेबनान सरकार की नीतियों की भी आलोचना की और कहा कि सरकार ने इज़राइल के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता की बजाय जल्दबाजी में गलत रुख अपनाया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि हिज़बुल्लाह केवल अप्रत्यक्ष वार्ता के पक्ष में है और प्रत्यक्ष बातचीत पूरी तरह अस्वीकार है। उनके अनुसार, देश की सरकार को ऐसे सीधे संवाद की प्रक्रिया रोकनी चाहिए और केवल अप्रत्यक्ष बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।

उधर, इज़रायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में कई संदिग्ध आतंकियों को निशाना बनाया है। सेना के अनुसार, रविवार को उनके सैनिकों ने तीन आतंकियों की पहचान की, जो इज़रायली सैनिकों के नजदीक आ रहे थे और “तत्काल खतरा” पैदा कर रहे थे। इसके बाद इज़रायली वायुसेना ने हवाई हमला कर उन्हें मार गिराया।

IDF ने यह भी कहा कि इस दौरान हिज़बुल्लाह के कई सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जिनमें बिंट जेबिल सेक्टर का मुख्यालय और अन्य संरचनाएं शामिल हैं। हमलों के बाद विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे संकेत मिला कि वहां हथियारों का भंडार मौजूद था।

इज़रायली सेना ने स्पष्ट किया कि वह अपने नागरिकों और सैनिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। IDF के अनुसार, यह सभी कार्रवाई राजनीतिक नेतृत्व के निर्देशों के तहत की जा रही है।

इसी बीच, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी बयान दिया कि लेबनान में युद्धविराम समझौता हिज़बुल्लाह की गतिविधियों के कारण कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि इज़रायली सेना लेबनान में सक्रिय रूप से ऑपरेशन चला रही है और हिज़बुल्लाह की गतिविधियां युद्धविराम को तोड़ रही हैं।

नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इज़राइल की प्राथमिकता अपने नागरिकों और उत्तरी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने दावा किया कि इज़रायली सेना अमेरिका के साथ तय नियमों और समन्वय के तहत कार्रवाई कर रही है।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 अप्रैल को इज़राइल और लेबनान के बीच युद्धविराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका लेबनान के साथ मिलकर उसे हिज़बुल्लाह से सुरक्षा प्रदान करने में मदद करेगा।

क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति बेहद संवेदनशील है और यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो यह एक बड़े संघर्ष का रूप ले सकता है।