पाकिस्तान में रावी नदी बाढ़ परियोजना अटकी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 27-04-2026
Ravi River flood project in Pakistan stalled
Ravi River flood project in Pakistan stalled

 

लाहौर (पाकिस्तान)

पाकिस्तान के लाहौर में रावी  नदी के किनारे चल रही एक महत्वपूर्ण बाढ़ सुरक्षा परियोजना का दूसरा चरण अतिक्रमण (encroachments) हटाने में देरी के कारण ठप हो गया है। इससे आगामी मानसून सीजन में बड़े पैमाने पर बाढ़ और तबाही की आशंका जताई जा रही है।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, रावी  अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (RUDA) के अधिकारियों ने बताया है कि जब तक नदी क्षेत्र से अवैध और अर्ध-स्थायी बस्तियों को नहीं हटाया जाता, तब तक दूसरे चरण का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। प्रशासन की कई बैठकों और बार-बार की चेतावनियों के बावजूद अब तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

RUDA के प्रवक्ता ने कहा कि जब तक जिला प्रशासन क्षेत्र खाली नहीं कराता, तब तक परियोजना पर काम आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अतिक्रमण मौजूद होने के कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया है।

यह परियोजना पिछले साल आई बाढ़ के बाद और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है, जब पंजाब क्षेत्र में भारी तबाही हुई थी। लाहौर में लगभग 2,20,000 क्यूसेक पानी के फ्लैश फ्लड ने नदी किनारे बनी बस्तियों को डुबो दिया था, जिससे बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा था। कई परिवारों को राहत शिविरों में रहना पड़ा था।

RUDA के अनुसार, परियोजना का क्षेत्र रावी  साइफन से लेकर मोहलनवाल स्थित हुडियारा ड्रेन तक फैला हुआ है। इसका पहला चरण लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जिसमें 20 फीट ऊंचे तटबंध बनाए गए हैं, जो लगभग 3,50,000 क्यूसेक पानी को संभालने में सक्षम हैं।

हालांकि, दूसरा चरण, जो रेलवे ब्रिज से M2 ब्रिज तक लगभग 9 किलोमीटर क्षेत्र में फैला है, अभी भी अटका हुआ है। इस क्षेत्र में घनी आबादी बसी हुई है, जिसमें कई पुरानी बस्तियां शामिल हैं। इनमें से कुछ के पास बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं के साथ कानूनी दस्तावेज भी मौजूद हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि RUDA ने इन बस्तियों को विरासत में प्राप्त किया है, और संस्था के पास पुराने अतिक्रमण हटाने का प्रत्यक्ष अधिकार नहीं है। हालांकि, नए अवैध निर्माण को रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

इसी बीच, परियोजना के तीसरे चरण पर काम शुरू हो चुका है और कुछ हिस्सों में लगभग 20 प्रतिशत कार्य पूरा भी हो गया है। इसमें आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा और एक थीम पार्क का विकास भी शामिल है।

विशेषज्ञों ने इस साल बाढ़ के और अधिक गंभीर होने की चेतावनी दी है। सिविल इंजीनियर और लाहौर डेवलपमेंट अथॉरिटी के पूर्व मुख्य अभियंता हबीबुल हक रंधावा ने कहा है कि एल नीनो प्रभाव के कारण मानसून मई से ही शुरू हो सकता है और जून तक भारी बारिश की संभावना है।

उन्होंने चेतावनी दी कि रवि नदी के किनारे अवैध निर्माण पिछले बाढ़ नुकसान का एक प्रमुख कारण रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि प्राकृतिक नदी मार्ग को बहाल करने के लिए अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाया जाए, ताकि भविष्य में संभावित तबाही को रोका जा सके।