डॉ. निखिल टंडन बने AIIMS दिल्ली के कार्यवाहक निदेशक

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 27-04-2026
Dr. Nikhil Tandon Appointed Acting Director of AIIMS Delhi
Dr. Nikhil Tandon Appointed Acting Director of AIIMS Delhi

 

नई दिल्ली
 
देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली में प्रशासनिक बदलाव किया गया है। डॉ. निखिल टंडन को AIIMS दिल्ली का कार्यवाहक निदेशक (Officiating Director) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
 
आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के अनुसार, डॉ. निखिल टंडन वर्तमान में एंडोक्रिनोलॉजी और मेटाबॉलिज्म विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष हैं। इसके साथ ही वे शैक्षणिक डीन (Dean Academic) की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
 
नए आदेश के तहत उन्हें निदेशक के सभी कार्यों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह व्यवस्था अगले छह महीने तक या नियमित निदेशक की नियुक्ति होने तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगी। इसे एक अस्थायी कार्य व्यवस्था (working arrangement) के रूप में देखा जा रहा है, न कि स्थायी नियुक्ति के रूप में।
 
सरकारी निर्देशों के अनुसार, AIIMS दिल्ली के स्थायी निदेशक के चयन के लिए अब सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस समिति द्वारा नए स्थायी निदेशक के चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
 
इस बीच, AIIMS दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास को इस पद से मुक्त कर दिया गया है। उन्हें नीति आयोग (NITI Aayog) में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। वे वहां डॉ. वी.के. पॉल की जगह लेंगे, जो पहले इस पद पर कार्यरत थे।
 
डॉ. एम. श्रीनिवास ने 22 सितंबर 2022 को AIIMS दिल्ली के निदेशक का कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान संस्थान में कई प्रशासनिक और चिकित्सा सुधारों पर काम किया गया।
AIIMS में कार्यवाहक निदेशक बने डॉ. निखिल टंडन देश के जाने-माने एंडोक्रिनोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हार्मोन संबंधी
 
बीमारियों और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव माना जाता है।उनकी नियुक्ति को संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि AIIMS दिल्ली देश की स्वास्थ्य व्यवस्था का एक प्रमुख केंद्र है, जहां देशभर से मरीज इलाज के लिए आते हैं।
 
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की अस्थायी नियुक्तियां संस्थान की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने में मदद करती हैं, जब तक कि स्थायी नेतृत्व की नियुक्ति पूरी नहीं हो जाती।
AIIMS दिल्ली में निदेशक का पद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह न केवल संस्थान के प्रशासनिक कार्यों को संभालता है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा भी तय करता है।
 
इस बदलाव के बाद अब सभी की नजरें सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में AIIMS दिल्ली के स्थायी निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी करेगी।