The government will prepare training modules to teach Marathi to auto and taxi drivers: Sarnaik
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को बताया कि सरकार राज्य में ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सिखाने के लिए एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करेगी। यह कदम एक मई से उनके लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के निर्णय के तहत उठाया गया है।
इस फैसले के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मुंबई में ऑटो रिक्शा पर ऐसे स्टिकर लगाना शुरू कर दिया है, जिनमें लिखा है कि चालक को मराठी आती है।
सरनाईक ने कहा कि सरकार ने महाराष्ट्र दिवस (एक मई) से इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिसके तहत ऑटो, टैक्सी और ओला, उबर तथा ई-बाइक जैसी ऐप आधारित सेवाओं के चालकों के लिए यात्रियों से मराठी में संवाद करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत गैर-मराठी चालकों को भाषा सिखाने के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि प्रशिक्षण योजना पर चर्चा के लिए 24 अप्रैल को विशेषज्ञों, साहित्यकारों और संबंधित क्षेत्रों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक बुलाई गई है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मराठी को “शास्त्रीय भाषा” का दर्जा मिलने के बाद इस पहल का महत्व और बढ़ गया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि यह कदम केवल प्रशासनिक निर्देश तक सीमित न रहे, बल्कि चालकों में मराठी भाषा के प्रति अपनापन भी पैदा करे।