The flip side of AI's glitz is the anonymous, boring, and temporary task of data labeling.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रोजगार पैदा करने और खत्म करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका को लेकर जारी चर्चा के बीच यह चिंताजनक हकीकत अक्सर नजरअंदाज हो जाती है कि एआई के लिए डेटा लेबलिंग का गुमनाम, उबाऊ और अस्थायी होता है जिसे कुशल हाथ अंजाम देते हैं।
जिन कामों को मशीनें अच्छी तरह नहीं कर पातीं, उन्हें अक्सर अस्थिर श्रम बाजारों से जूझ रहे और हाशिये पर मौजूद कामगारों के हवाले कर दिया जाता है। ये लोग दिखने में ‘‘स्वचालित’’ लगने वाला काम भी विषम और शोषणकारी परिस्थितियों में करते हैं।
एआई प्रणालियों के निर्माण और उन्हें बेहतर बनाने में डेटा से जुड़ा काम बेहद महत्वपूर्ण है। एआई मॉडल के कुछ सीखने से पहले मानव डेटा कामगारों को बड़ी मात्रा में पाठ, तस्वीरों, ऑडियो और वीडियो को वर्गीकृत, लेबल, जांच और अन्य जरूरी काम करना पड़ता है, ताकि इन्हें एआई प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
यह काम बढ़ते वैश्विक डिजिटल कार्यबल करते हैं। यह कार्यबल बड़े प्रौद्योगिकी उद्योगों के साथ-साथ बैंकिंग, बीमा, स्वास्थ्य सेवा और रक्षा समेत सरकारी एजेंसियों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए भी डेटा तैयार करता है।
एआई कार्यबल को समझने के लिए मैंने चीन और ऑस्ट्रेलिया में एआई मॉडलों के लिए डेटा तैयार करने वाले कामगारों से बातचीत की। यह अध्ययन जारी है, लेकिन अब तक सामने आए अनुभव इस काम की तस्वीर पेश करते हैं।
----- असमानता इस काम का अभिन्न हिस्सा -----
अब तक 10 लोगों से हुई बातचीत से पता चलता है कि अस्थिर श्रम बाजार और हाशिये पर मौजूद सामाजिक स्थिति ने डिजिटल रूप से दक्ष युवा कामगारों को डेटा लेबलिंग उद्योग की ओर धकेला है। एक कामगार ने तंज करते हुए कहा, ‘‘हम हाथ से काम करते हैं ताकि बुद्धिमत्ता का श्रेय उन्हें मिले।’’