आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि देश में संविधान पर हमला हो रहा है और कहा कि लोगों को इसकी रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि यह डॉ. बीआर आंबेडकर, महात्मा गांधी और अनेक समाज सुधारकों की ‘‘आवाज का प्रतिनिधित्व’’ करता है।
राहुल अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में क्रांतिकारी वीरा पासी की स्मृति में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ को संबोधित कर रहे थे।
गांधी ने कहा, “अन्य वक्ताओं को सुनते हुए मुझे लगा कि हम वीरा पासी और डॉ. आंबेडकर को याद तो करते हैं, लेकिन जिस विचारधारा के लिए वे खड़े थे, उसकी ठीक से रक्षा नहीं कर रहे हैं, क्योंकि हमारी आंखों के सामने संविधान पर हमला हो रहा है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि संविधान कोई साधारण दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह डॉ. आंबेडकर, वीरा पासी और महात्मा गांधी की विचारधारा के साथ-साथ केरल के नारायण गुरु और कर्नाटक के बसवन्ना जैसे अनेक समाज सुधारकों के योगदान को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज है।
राहुल ने बुद्ध, गुरु नानक और कबीर का भी संदर्भ देते हुए कहा कि उनकी आवाज संविधान में प्रतिबिंबित होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोग मूर्तियों के सामने झुकते हैं और बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित करते हैं, लेकिन जब संविधान और उसकी विचारधारा पर हमला होता है, तब वे चुप रहते हैं।
उन्होंने कहा, “जो लोग आंबेडकर की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, वे उनकी विचारधारा को भूल जाते हैं। वे उसकी रक्षा नहीं करते। जब विचारधारा पर हमला हो, तब उसकी रक्षा की जानी चाहिए।”
दर्शकों के बीच तालियां बजने पर गांधी ने कहा, “आप अभी ताली बजा रहे हैं, लेकिन जब संविधान को फाड़ा जाता है, तब आप चुप रहते हैं।”
उन्होंने कहा कि संविधान समानता और इस सिद्धांत का प्रतीक है कि हर नागरिक को अपने श्रम का उचित फल मिलना चाहिए।
राहुल ने कहा, “संविधान कहता है कि भारत सबका है, किसी एक जाति, व्यक्ति, अरबपति या संगठन का नहीं।”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि ईंधन की खपत कम करने, सोना खरीदने से बचने और विदेश यात्राएं घटाने की बात महंगाई बढ़ने के संकेत हैं।