आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव का अध्ययन कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से मुलाकात की। राज्य सरकार ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार का समर्थन किया।
विपक्षी कांग्रेस ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए इसे सत्ता के केंद्रीकरण का छिपा हुआ एजेंडा बताया।
मुख्यमंत्री पटेल के अलावा, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और दूसरे प्रतिनिधियों ने भी गांधीनगर के पास गिफ्ट सिटी में भाजपा सांसद पी पी चौधरी की अध्यक्षता वाली जेपीसी से मुलाकात की और उसके समक्ष राज्य के विचार रखे।
बैठक के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए, संघवी ने कहा कि गुजरात सरकार प्रस्तावित कानून का पूरा समर्थन करती है क्योंकि यह ‘देश के हित’ में है।
उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि यह अवधारणा देश के हित में है, इसलिए गुजरात सरकार ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार को अपना पूरा समर्थन दिया है।’’
संघवी ने कहा कि गुजरात इस साल के स्थानीय स्वशासन चुनावों के दौरान नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायतों और तालुका पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने की दिशा में पहले ही बढ़ चुका है।
उन्होंने दावा किया, “गुजरात सरकार के एक सर्वे के मुताबिक, एक विधानसभा या लोकसभा चुनाव के दौरान सरकारी स्टाफ के काम के लगभग 50 लाख घंटे खर्च होते हैं।”