आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बुधवार को राज्य मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधते हुए मांग की कि उनसे जुड़े लोगों के यहां हुई कार्रवाई में मिले धन और कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष एवं गहन जांच होनी चाहिए।
उन्होंने मातृ मृत्यु के मामलों, विभिन्न अस्पतालों में कथित नकली दवाओं के उपयोग तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में हाल में की गई प्रशासनिक कार्रवाइयों के सिलसिले में भी सवाल उठाए।
डोटासरा ने यहां प्रेस वार्ता में कहा कि यदि मंत्री से जुड़े लोगों के पास से 2.43 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं तो यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि यह राशि मंत्री द्वारा कराई गई छापेमारी के दौरान वसूली गई या फिर छापे नहीं डालने के एवज में ली गई।
उन्होंने कहा, “इतनी बड़ी रकम जब्त हुई है तो यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि यह धन छापों के नाम पर लिया गया था या छापे नहीं करने के लिए।”
डोटासरा ने कहा कि स्वयं मंत्री यह स्वीकार कर चुके हैं कि उन्हें सूचना देने वाले लोग इस मामले में शामिल थे, ऐसे में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) या विशेष अभियान समूह (एसओजी) जैसी एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराना मंत्री की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “यदि छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो समयबद्ध जांच के आदेश दिए जाने चाहिए। तभी ईमानदारी के दावों पर विश्वास किया जा सकता है।”