पीएम श्री योजना को लेकर सतीशन और विजयन के बीच विस में नोकझोंक

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 24-06-2026
Satishan and Vijayan clash in the Assembly over the PM Shri scheme
Satishan and Vijayan clash in the Assembly over the PM Shri scheme

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
केरल विधानसभा में बुधवार को प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना को लेकर मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और विपक्ष के नेता पिनराई विजयन के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
 
मुख्यमंत्री सतीशन ने जहां पूर्व सरकार द्वारा इस कार्यक्रम से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने पर सवाल उठाए, वहीं विजयन ने इस बात पर जोर दिया कि उनके कार्यकाल में राज्य में इस योजना को कभी लागू ही नहीं किया गया।
 
राज्य बजट पर तीन दिवसीय चर्चा का जवाब देते हुए सतीशन ने कहा कि पिछली सरकार ने इस समझौते को मंजूरी दी और समझौते पर हस्ताक्षर किए, लेकिन बाद में दावा किया कि इस योजना को स्थगित रखा गया था।
 
उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व सरकार ने इसे हरी झंडी दी और समझौते पर हस्ताक्षर किए। आपने इसे मंजूरी क्यों दी? आपने हस्तक्षर क्यों किया? क्या केवल इसके क्रियान्वयन को स्थगित रखने के लिए उस पर हस्ताक्षर किया गया था?’’
 
इस पर विजयन ने कहा कि केरल में पीएम-श्री योजना को लागू नहीं किया गया क्योंकि वाम सरकार ने इसे रोकने का निर्णय लिया था।
 
उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक सुविचारित और कानूनी रूप से उचित निर्णय लिया कि इसे लागू नहीं किया जाएगा। निर्णय के बाद इसे लागू नहीं किया गया और यह आज भी लागू नहीं है। हमने इसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे कदम नहीं बढ़ाया।’’
 
विजयन ने कहा कि यह समझौता उस समय किया गया था जब राज्य समग्र शिक्षा अभियान के तहत बकाया 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त करने का प्रयास कर रहा था, जबकि केरल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के खिलाफ था।
 
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी उस नीति में कोई बदलाव नहीं था। हम नीति को अपनाने के लिए तैयार नहीं थे और न ही पीएम-श्री को इसके हिस्से के रूप में लागू कर रहे थे।’’
 
उन्होंने कहा कि बाद में इसे स्थगित कर दिया गया और यह आठ महीने तक उसी स्थिति में रहा।
 
हालांकि, सतीशन ने कहा कि दो सवाल अब भी अनुत्तरित हैं—पहला, समझौते पर हस्ताक्षर क्यों किए गए और दूसरा, केंद्र को यह औपचारिक रूप से क्यों नहीं बताया गया कि केरल इस योजना को लागू नहीं करेगा।
 
मुख्यमंत्री ने पीएम-श्री योजना पर सरकार के रुख को एक बार फिर दोहराया।